पूरी तरह से फिट रहने पर ही खेलूंगा धर्मशाला टेस्ट मैच : कोहली

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धर्मशाला। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली का कहना है कि अगर वह 100 प्रतिशत फिट रहे, तभी धर्मशाला में शनिवार को खेले जाने वाले चौथे और निर्णायक मैच में खेल पाएंगे। कोहली को रांची में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच के दौरान कंधे में चोट लगी थी। कोहली का कहना है कि वह टीम में अपनी उपस्थिति के बारे में शुक्रवार रात या शनिवार सुबह कोई फैसला दे पाएंगे। 

कोहली ने कहा, मेरे फिटनेस का एक और टेस्ट होगा और उसके बाद ही में शुक्रवार रात या शनिवार सुबह तक चौथे और अंतिम टेस्ट मैच के लिए अपनी स्थिति स्पष्ट कर पाऊंगा। चौथे व अंतिम टेस्ट मैच में कोहली के न खेल पाने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर गुरुवार को मुंबई के बल्लेबाज श्रेयस अय्यर को शामिल किया गया है। हालांकि, कोहली के फैसले के बाद ही सारी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

 

भारत और आस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की श्रृंखला का परिणाम 1-1 से बराबरी पर है और धर्मशाला में 25 मार्च से खेले जाने वाला टेस्ट दोनों टीमों में से विजेता टीम की घोषणा करेगा।

 

 

विपक्षी टीम की रणनीतियों से बेफिक्र : विराट

पुणे। विराट ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच गुरुवार से यहां चार टेस्टों की सीरीज के पहले टेस्ट की पूर्व संध्या पर संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्हें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि विपक्षी टीम कैसा खेलती है। उनकी टीम केवल अपने खेल पर ही ध्यान दे रही है।

 

कप्तान ने कहा हम ऑस्ट्रेलिया के खेल और उनकी क्षमताओं से वाकिफ हैं। उनके सकारात्मक और नकारात्मक खेल को हम जानते हैं। लेकिन हम इसे लेकर बहुत ङ्क्षचता नहीं कर रहे हैं। हमारा काम अपने खेल पर ध्यान देना है। हम हर विपक्षी टीम का सम्मान करते हैं लेकिन हम अपनी प्रतिभा को भी जानते हैं।

 

विराट ने कहा कि उनके लिए तो हर मैच ही चुनौतीपूर्ण होता है। हर टीम अपनी ताकत से खेलती है। उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज तथा आईपीएल में उनके टीम साथी रहे मिशेल स्टार्क की तारीफ करते हुए कहा स्टार्क के खेल में पहले से बहुत सुधार आया है। हम यदि विश्व स्तरीय बल्लेबाज की तारीफ करते हैं तो हमें विश्व स्तरीय गेंदबाजों की भी प्रशंसा करनी चाहिए।

 

भारतीय टीम को अपनी कप्तानी में 19 मैचों से अपराजेय रखने और छह टेस्ट सीरीज जितवाने के बाद विराट से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी ऐसे ही शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। हालांकि विराट का मानना है कि लोग उनसे कुछ ज्यादा ही उम्मीद करते हैं।

 

दुनिया के बेहतरीन बल्लेबाजों में शुमार विराट ने कहाÞ अधिकतर लोग मुझसे ज्यादा ही उम्मीद करते हैं। मैं जानता हूं कि कैसे खेलता हूं और मुझे अपने खेल पर भरोसा है। लेकिन जब मैं 22 वर्ष का था तब लोग मुझसे 35 साल के खिलाड़ी जितनी परिपक्वता की उम्मीद करते थे। उन्होंने कहा मैं हर सीरीज के हिसाब से अपने खेल को नहीं आंकता हूं। मैं अपनी गलतियों से सीखना चाहता हूं।

 

हमारे कोच अनिल कुंबले ने इस चीज को ठीक से जांचा है और वह इसमें हमारी मदद करते हैं। मैंने हमेशा अपने हिसाब से ही सही दिशा में अपने खेल को आगे बढ़ाया है। कप्तानी के दबाव को लेकर उन्होंने कहाÞमैं अभी अपनी कप्तानी को जज नहीं कर सकता हूं।

 

अभी मुझे बहुत कम समय ही कप्तानी संभाले हुआ है और शायद आज से आठ साल बाद मैं ऐसा कर सकूं। लेकिन अभी मेरे अंदर बहुत क्रिकेट बचा है और मैं अपने खेल पर ध्यान दे रहा हूं। गेंदबाजों को लेकर विराट ने कहा कि उमेश यादव और इशांत ने पिछले मैचों में अहम भूमिका निभाई है और इंग्लैंड के खिलाफ भी वह अहम साबित हुए थे। टीम को उम्मीद है कि तेज गेंदबाज एक बार फिर अहम साबित होंगे।

 

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