Kashmir : पत्थरबाजों से निपटने के लिए Army करेगी प्लास्टिक बुलेट का इस्तेमाल

0
774

कश्मीर घाटी में पत्थरबाजों से निपटने के लिए अब प्लास्टिक बुलेट का इस्तेमाल किया जाएगा। हालांकि, होम मिनिस्ट्री ने सिक्युरिटी फोर्सेस को पैलेट गन का इस्तेमाल लास्ट ऑप्शन के तौर पर करने का ऑर्डर दिया है। हजारों प्लास्टिक बुलेट घाटी में भेजी गईं…
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक, होम मिनिस्ट्री ने फोर्सेस काे ऑर्डर दिया है कि पैलेट गन का इस्तेमाल लास्ट ऑप्शन के तौर पर करें।
– लॉ इनफोर्समेंट एजेंसीज के ऑफिशियल सोर्स के मुताबिक, घाटी में हजारों प्लास्टिक बुलेट कश्मीर वैली में भेज दी गई हैं।
– सूत्रों के मुताबिक, प्लास्टिक बुलेट बॉडी में नहीं घुसती और इसे INSAS रायफल से भी फायर किया जा सकता है।
– बता दें कि सिक्युरिटी फोर्सेस को कश्मीर घाटी में आए दिन जबर्दस्त प्रोटेस्ट का सामना करना पड़ता है। खासतौर पर उस वक्त, जब फोर्सेस की आतंकियों से मुठभेड़ हो रही हो। उस वक्त पथराव का फायदा उठाकर आतंकी भाग जाते हैं।
SC ने केंद्र से ऑप्शन तलाशने को कहा था
– बता दें कि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने पैलेट गन से होने वाले नुकसान को “जीवन और मौत” का मुद्दा बताया था।
– कोर्ट ने सरकार से कहा था कि वह पैलेट गन के इफेक्टिव ऑप्शंस लेकर आए।
– पिछले महीने कश्मीर के चदूरा में प्रदर्शन के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई थी। वो इलाके में आतंकियों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई का विरोध कर रहे थे।
केंद्र सरकार ने दिए थे संकेत
– जम्मू-कश्मीर में पैलेट गन के इस्तेमाल पर रोक की मांग वाली याचिका पर पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई थी।
– तब केंद्र ने कहा था कि घाटी में प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए जल्द ही एक सीक्रेट वेपन का इस्तेमाल शुरू किया जाएगा।
– केंद्र सरकार ने यह भी कहा था कि कश्मीर घाटी में बदबूदार पानी, लेजर डेजलर और तेज आवेज करने वाली मशीनों का भी प्रोटेस्टर्स पर कोई असर नहीं होता है। ऐसे में लास्ट ऑप्शन के तौर पर ही पैलेट गन इस्तेमाल की जाती है।
अभी पावा शेल्स-पैलेट गन का हो रहा इस्तेमाल
– अभी तक सेना घाटी में प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए पैलेट गन्स और पावा शेल्स का इस्तेमाल करती रही है।
– पावा (पेलार्गोनिक एसिड वेनिलिल एमाइड) मिर्च वाली बुलेट होती हैं। यह कम घातक होती है। इससे कुछ देर के लिए टारगेट को काबू किया जा सकता है।
– इसके अलावा, जो कम खतरनाक हथियार प्रदर्शनकारियों पर इस्तेमाल किए जाते हैं वो हैं डाय मार्कर ग्रेनेड। यह प्रदर्शनकारियों पर गहरा निशान छोड़ता है, जिससे उनकी पहचान अासानी से हो जाती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.