योगी आदित्य नाथ ने रद्द किया अखिलेश यादव का ड्रीम प्रोजेक्ट

0
565

उत्तर प्रदेश की कमान संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ एक के बाद एक बड़े फैसले ले रहे हैं। सत्ता में आने के एक महीने बाद ही योगी सरकार ने पूर्व अखिलेश सरकार के समय शुरु की गई स्मार्ट फोन योजना को रद्द कर दिया है। योगी सरकार अखिलेश सरकार का नाम प्रदेश से मिटाने के लिए जी-जान लगा रही है। मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक के दौरान योगी आदित्य नाथ ने कई बड़े फैसले लिए। बुधवार को योगी सरकार ने फैसला किया कि समाजवादी पार्टी सरकार की स्मार्ट फोन योजना समेत जनेश्वर मिश्रा ग्राम योजना, लोहिया आसरा और आवास योजना को रद्द किया जाएगा।

बता दें कि अखिलेश सरकार ने स्मार्ट फोन योजना अपने आखिरी कार्यकाल के दौरान लांच की थी। इस योजना के जरिए अखिलेश सरकार काफी सस्ते दामों पर करीब 5 करोड़ लोगों को फोन मुहैया कराना चाहती थी। इस योजना के जरिए अखिलेश सरकार सीधे आम जनता के साथ संपर्क रखना चाह रही थी। इस योजना के लिए एक लाख से ज्यादा लोग आवेदन दे चुके थे। अखिलेश की इस योजना का मकसद था कि सरकार की प्रत्येक योजना के बारे में आम जनता को जानकारी दी जाए।

इससे पहले पेंशन योजना, समाजवादी एम्बुलेंस योजना और अन्य कई योजनाएं जिनपर समाजवादी पार्टी का नाम था, उनसे समाजवादी पार्टी का नाम योगी सरकार हटा चुकी है। इसके साथ ही जिन राशन कार्ड पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की फोटो है, उन कार्ड को वापस ले लिया गया है। वहीं योगी सरकार ने मंगलवार को कुल 626 पुलिसवालों का ट्रांसफर किया। बता दें कि योगी सरकार चाहती है कि प्रदेश में प्रशासन व्यवस्था अच्छी हो इसलिए सरकार तबादले कर रही है। योगी सरकार ने प्रदेश के कुछ हवाईअड्डों के नाम भी बदले हैं, जिनमें गोरखपुर और आगरा का हवाईअड्डा शामिल है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here