शशिकला को AIADMK से दूर किया, पन्नीर से सुलह के लिए कमेटी बनेगी

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चेन्नई.एआईएडीएमके में मंगलवार देर शाम को नाटकीय घटनाक्रम में जनरल सेक्रेटरी वीके शशिकला, भतीजे टीटीवी दिनाकरन और उनके परिवार को पार्टी से दूर रखने का फैसला किया गया। मुख्यमंत्री पलानीसामी से मुलाकात के बाद राज्य के वित्तमंत्री डी. जयकुमार ने कहा कि दिनाकरन और उनके परिवार को अलग करने का फैसला पार्टी के मेंबर्स और सांसदों से बातचीत के बाद लिया गया है। राज्य की जनता भी यही चाहती है। शशिकला और पूर्व सीएम ओ. पन्नीरसेल्वम खेमों को खेमों को साथ लाने के लिए मंत्रियों की टीम का गठन किया जाएगा। यह टीम पन्नीरसेल्वम खेमे से बात करेगी। पन्नीरसेल्मव ने कहा था- दिनाकरन और उनके परिवार को पार्टी और सरकार से दूर रखें…
– मंगलवार को पन्नीरसेल्वम खेमे ने सुलह के लिए शशिकला के भतीजे टीटीवी दिनाकरन और उनके परिवार को पार्टी और सरकार से अलग करने की शर्त रखी थी। हालांकि, जयकुमार ने कहा था कि दिनाकरन को हटाने के फैसले का पन्नीरसेल्वम की शर्त से कोई लेना-देना नहीं है।
– राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और महासचिव जयललिता के निधन के बाद फरवरी में पार्टी दो खेमों में बंट गई थी जिसमें शशिकला के धड़े का नाम अन्नाद्रमुक (अम्मा) और पन्नीरसेल्वम के धड़े का नाम अन्नाद्रमुक (पुरची तलैवी अम्मा) है।
– इससे पहले सोमवार रात को मंत्रियों और विधायकों की मीटिंग हुई थी। यह मीटिंग मंत्री के. थंगामणि के सरकारी आवास पर हुई थी। इसमें करीब 25 विधायक और मंत्री शामिल हुए थे। इस मीटिंग के बाद जयकुमार ने कहा था कि पार्टी के सभी मंत्री और विधायक चाहते हैं कि पार्टी एकजुट रहे और सरकार अपना टेन्योर पूरा करे।
दिनाकरन ने इमरजेंसी मीटिंग बुलाई
– मुख्यमंत्री पलानीसामी के शशिकला खेमों को पार्टी से अलग करने के बाद दिनाकरन ने बुधवार को सभी विधायकों और डिस्ट्रिक्ट सेक्रेटरीज की मीटिंग बुलाई है। हालांकि, इस मीटिंग के मकसद का खुलासा नहीं किया गया है।
पन्नीरसेल्मव ने कहा था- पार्टी में परिवार की सत्ता नहीं हो सकती
– “पार्टी को किसी परिवार के हाथों में नहीं दिया जा सकता। अम्मा (दिवंगत जयललिता) ने इस परिवार को पार्टी से बाहर कर दिया था। इसके बाद शशिकला ने माफी मांगी। इसके बाद भी उन्हें कोई पद नहीं दिया गया। शशिकला ने खुद कहा था कि उनकी फैमिली की साजिश में शामिल थी। लिहाजा उनकी फैमिली का कोई शख्स पार्टी में नहीं होना चाहिए।”
– पन्नीरसेल्वम ने जयललिता की मौत की जांच कराने की भी मांग की।
AIADMK में कब बन थे दो गुट
– जयललिता की मौत के 65वें दिन AIADMK में बगावत हो ही गई थी। दरअसल जयललिता ने अपनी तबीयत खराब होने के बाद पन्नीरसेल्वम को राज्य का सीएम बनाया था।
– जब जयललिता का निधन हो गया तब शशिकला खेमा एक्टिव हुआ और पन्नीरसेल्वम को इस्तीफा देना पड़ा। इस बीच शशिकला को पार्टी का जनरल सेक्रेटरी बना दिया गया।
– इसी के बाद पन्नीरसेल्वम ने शशिकला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने दावा किया था- “मुझसे जबर्दस्ती इस्तीफा लिया गया। अगर तमिलनाडु के लोग चाहेंगे तो मैं इस्तीफा वापस लेने को तैयार हूं।”
– उन्होंने बताया था कि मुझे पोएस गार्डन बुलाया। वहां पार्टी नेताओं ने कहा कि शशिकला को सीएम बनाने के लिए इस्तीफा दे दूं। इससे पहले वे करीब 40 मिनट तक जयललिता की समाधि पर मौन बैठे रहे थे।
– बाद में हाई ड्रामा के बीच शशिकला खेमा ने विधानसभा में अपना बहुमत साबित किया था।
शशिकला बेंगलुरु जेल में हैं
– शशिकला को बेहिसाब प्रॉपर्टी (डिसप्रपोर्शनेट एसेट-DA) मामले में जेल में हैं। बता दें कि फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट के 4 साल की सजा के फैसले को बरकरार रखा था। साथ ही 10 करोड़ जुर्माना लगाया था।
– शशिकला 6 महीने की सजा वे काट चुकी हैं। उन्हें साढ़े तीन साल जेल में गुजारने होंगे। फैसले के साथ ही शशिकला का पॉलिटिकल करियर एक तरह से खत्म हो गया है। 4 साल की सजा पूरी करने के बाद वे 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगी। इस तरह 10 साल तक चुनावी राजनीति से बाहर रहेंगी। बता दें कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने इसी केस में शशिकला और जयललिता को 2015 में बरी कर दिया था।

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