ताजमहल में 34 देश की मॉडल के दुपट्टे उतरवाये, जांच के आदेश

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आगरा : हमारे देश में कहा जाता है कि जहां नारी की पूजा होती है, वहीं देवता वास करते हैं. लेकिन, पिछले दिनों 34 अलग-अलग देशों से आयी सुंदरियों के साथ जो व्यवहार हुआ, वह हमारी सभ्यता और संस्कृति के बिल्कुल विपरीत है.

आगरा स्थित विश्व प्रसिद्ध ताजमहल का दीदार करने आयीं 34 देशों की मॉडल्स के दुपट्टा उतरवाने की घटना सामने आयी है. दरअसल, बुधवार को विभिन्न देशों से आयीं मॉडल्स ने धूप से बचने के लिए भगवा ‘रामनामी’ दुपट्टा ओढ़ रखा था. ताजमहल में सुरक्षा के नाम पर इन्हें दुपट्टा उतारने के लिए मजबूर किया गया.

इसके पीछे तर्क यह दिया गया कि ताजमहल में धार्मिक प्रतीक चिह्न और पूजा सामग्री पर रोक है. जांच के दौरान गाइड ने सभी मॉडल को ताज में प्रतिबंधित सामग्री की जानकारी दी.

मीडिया में यह खबर आयी, तो गुरुवार को हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता सक्रिय हुए और घटना के विरोध में सड़क पर उतर आये. हिंदू जागरण मंच के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने माॅल रोड स्थित पुरातत्व विभाग के कार्यालय के बाहर जमकर नारेबाजी की.

भाजपा की युवा इकाई भारतीय जनता युवा मोरचा (भाजयुमो) और हिंदू जागरण मंच जैसे हिंदूवादी संगठनों ने घटना के विरोध में शनिवार को भगवा कपड़े पहन कर ताजमहल में घुसने का एलान किया है. वहीं, आगरा भाजपा के अध्यक्ष विजय शिवहरे ने सवाल पूछा कि क्या उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ताजमहल आयेंगे, तो उनके भी कपड़े उतरवाये जायेंगे?

हिंदू जागरण मंच के प्रदेश महामंत्री अविनाश राणा और प्रदेश मंत्री रवि शंकर ने अधीक्षण पुरातत्वविद् भुवन विक्रम को एक ज्ञापन सौंपा. उन्होंने कहा कि विदेशी माॅडल्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से प्रभावित थीं. भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए उन्होंने भगवा दुपट्टा ओढ़ा था.

मंच के नेताओं ने कहा कि ताजमहल में विदेशी मेहमानों के साथ जो व्यवहार किया गया, यह भारतीय संस्कृति का अपमान है. विदेशी मेहमानों पर इसका क्या असर होगा? अधीक्षण पुरातत्वविद् ने मामले की जांच के आदेश दे दिये हैं.

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