कोच्चि के बाद आज मुंबई में शराबबंदी की अलख जलाएंगे मुख्यमंत्री नीतीश

0
181

पटना । नीतीश कुमार ने शराबबंदी की बजाए शराब कारोबार को और बढ़ाने को लेकर केंद्र व कई राज्य सरकारों पर हमला बोला। कहा-ये सरकारें, सु्प्रीम कोर्ट का आदेश भी नहीं मान रहीं। शराब का कारोबार बेधड़क चलता रहे, इसके लिए एनएच और एसएच को डीनोटिफाई तक कर रही हैं। जबकि यहां के लोग शराबबंदी चाहते हैं।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना कर रहे कई राज्य

मुख्यमंत्री ने कहा-सुप्रीम कोर्ट ने एनएच और एसएच के 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकानें बंद करने का फैसला दिया। हद है कि सरकार ही शराब की दुकान को एनएच और एसएच के 500 मीटर के दायरे से बाहर शिफ्ट कराने में लगी हैं। जनहित में पूरे देश में शराबबंदी का बिहार मॉडल अपनाया जाए। यानी, पूर्ण शराबबंदी।

कोच्चि में नीतीश ने किया सभा को संबोधित

नीतीश, शुक्रवार को कोट्टयम में 18 वें स्टेट लेवल एसेंबली ऑफ केरला कैथोलिक विशॉप कांफ्रेंस टेम्पेरेंस मूवमेंट को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन शराबबंदी के लिए था। कैथोलिक चर्च के कार्डिनल जार्ज अलेंचेरी ने नीतीश कुमार को देश में शराबबंदी का चैंपियन बताया। नीतीश ने शराबबंदी से राजस्व हानि और पर्यटकों की संख्या में कमी की बात को गलत बताया।

शराबबंदी के फायदे बताए

नीतीश ने कहा-हानि की भरपाई संभव है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय और राज्य सरकारें एनएच और एसएच को डीनोटिफिकेशन करने को तैयार हैं। मेरे पास इसका पूरा दस्तावेज है। डीनोटीफाइड होने से न तो इन सड़कों पर गाड़ियों का दबाव कम होगा, न ही दुर्घटना में कमी आएगी।

केरल की शराब नीति यूडीएफ सरकार द्वारा अक्टूबर 2014 में लागू की गई। यहां अगले 10 सालों में पूर्ण शराबबंदी की नीति है। यह ठीक नहीं है। एकसाथ पूर्ण शराबबंदी हो। देश का मन और मिजाज, दोनों पूर्ण शराबबंदी की तरफ बढ़ रहा है। दीवार पर क्या लिखा है, यह समझना चाहिए। कोर्ट ने भी अपने फैसले में शराब, इसके सेवन को मूल अधिकार की श्रेणी में नहीं माना है।

नीतीश के अनुसार, शराबबंदी के बाद बिहार, सामाजिक परिवर्तन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा है। 5 अप्रैल 2016 के बाद अपराध, घरेलू हिंसा में जबर्दस्त कमी आई। सड़क दुर्घटना का ग्राफ नीचे आया। शराबबंदी से खजाने में 5000 करोड़ रुपए कम आए।

उन्होंने कहा कि इसकी भी भरपाई हो गई। लेकिन जनता के 10 हजार करोड़ से अधिक बचे। यह शराब पर खर्च होता था। दूध, मिठाई, रेडीमेड कपड़ों, बिजली के समान, फर्नीचर आदि खूब बिक रहे हैं। इसका और दूरगामी असर होगा। कैथोलिक चर्च के नेता वीएम सुशीरण ने बिहार सरकार की पूर्ण शराबबंदी नीति का स्वागत किया।

कहा- अब अगला कदम है पूर्ण नशाबंदी 

कोच्चि में संवाददाताओं से बात करते हुए नीतीश ने कहा कि हम आगे पूर्ण नशाबंदी के लिए और अधिक उत्साह से आगे बढ़ेंगे। देश भर में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध संभव है, बशर्ते इच्छाशक्ति हो। उन्होंने इस तर्क का खारिज किया कि इससे खजाने को नुकसान होता है।

नीतीश ने कहा कि शराबबंदी से बिहार के खजाने में करीब 5000 करोड़ रुपये की कमी हुई। लेकिन हमने इसे पूरा कर लिया। हमने 5 अप्रैल 2016 को पूर्ण शराबबंदी की और वित्तीय वर्ष पूरा करने के बाद खजाने में कमोबेश पहले जितने ही रुपये आए।

मुख्यमंत्री के अनुसार, सवाल यह नहीं था कि शराब के कारोबार को बंद करने से कितने का नुकसान होता है? बड़ा सवाल यह था कि इससे तबाह हो रहे लोगों को कैसे बचाया जाए? शराब पर खर्च होने वाला उनका पैसा कैसे बचे और लोग अपने जीवन को सुंदर बनाने में कैसे इसका उपयोग करें?

आज मुंबई में जदयू की रैली को संबोधित करेंगे नीतीश

नीतीश कुमार, शनिवार को मुंबई में आयोजित जदयू की रैली को संबोधित करेंगे। जदयू महाराष्ट्र इकाई के संयोजक व विधायक कपिल पाटिल के अनुसार महाराष्ट्र में पार्टी की औपचारिक शुरुआत के लिए उत्तर पश्चिम मुंबई के गोरेगांव में आयोजित इस रैली में जदयू के कई बड़े नेता भी रहेंगे। पिछले महीने पाटिल की लोक भारती पार्टी ने जदयू के साथ विलय किया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here