स्वच्छ सर्वेक्षण-2017 : इंदौर, भोपाल सबसे साफ, गोंडा सबसे गंदा

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नयी दिल्ली : पिछले स्वच्छता सर्वेक्षण में सफाई के मामले में टॉप पर रहा मैसुरु इस बार पिछड़ कर पांचवें नंबर पर आ गया है. ताजा सर्वेक्षण में मध्यप्रदेश ने कर्नाटक को पछाड़ दिया है. पहले स्थान पर इंदौर है, तो प्रदेश की राजधानी दूसरे स्थान पर काबिज हो गयी है. सबसे स्वच्छ शहरों में तीसरे नंबर पर विशाखापत्तनम है. बिहार, झारखंड के किसी शहर को टॉप-10 शहरों में जगह नहीं मिली है. झारखंड के चास को टाॅप-50 में जगह मिली है. सूची में यह शहर जमशेदपुर और रांची को पछाड़ते हुए 41वां स्थान हासिल किया है. 434 स्वच्छ शहरों की सूची में बिहार के दो शहर कटिहार और बगहा क्रमश: 430वें और 432वें स्थान पर हैं. सर्वेक्षण रिपोर्ट में झारखंड और छत्तीसगढ़ की तारीफ की गयी है. कहा गया है कि इन दोनों राज्यों के शहरों ने अपनी स्थिति में काफी सुधार किया है. सफाई के मामले में टॉप-50 शहरों में गुजरात के 12 और मध्यप्रदेश के 11 शहर हैं. लिस्ट में महाराष्ट्र के तीन और तमिलनाडु के चार शहरों ने अपनी जगह बनायी है. दिल्ली का एनडीएमसी इलाका टॉप-50 में है, लेकिन दिल्ली के बाकी तीनों नगर निगम टॉप-100 में भी जगह नहीं बना सके. पिछले साल चौथे नंबर पर रहा दिल्ली का एनडीएमसी सफाई के मामले में इस बार सातवें स्थान पर पहुंच गया है. उत्तर प्रदेश से सिर्फ वाराणसी को टॉप-50 में जगह मिल पायी. बिहार, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा का कोई भी टॉप-50 में जगह नहीं बना पाया. बिहार के 27 शहरों का सर्वेक्षण किया गया, जिसमें 19 शहर टॉप-300 से बाहर रहे. बिहारशरीफ को सबसे अच्छी रैंकिंग मिली, जो 147वें स्थान पर रहा. सर्वे में 27 में से 15 शहर नीचे से टॉप-100 में रहे. पश्चिम बंगाल के सर्वेक्षण में भाग नहीं लेने के कारण इस राज्य के किसी शहर को रैंकिंग में शामिल नहीं किया गया है.

उत्तर प्रदेश का गोंडा सबसे गंदा शहर : सफाई के मामले में उत्तर प्रदेश का गोंडा शहर सबसे फिसड्डी साबित हुआ. 434 शहरों के सर्वे में वह अंतिम पायदान पर रहा. 433वें स्थान पर महाराष्ट्र का भुसावल शहर है. सबसे गंदे शहरों की बात करें, तो टॉप-50 में से 25 जगहों पर अकेले यूपी का कब्जा है. गंदे शहरों में बिहार के नौ, राजस्थान और पंजाब के पांच-पांच शहर हैं.

दिल्ली को लगा जोरदार झटका : दिल्ली का एनडीएमसी इलाके का सफाई व्यवस्था के मामले में प्रदर्शन पिछले साल से बेहद खराब रहा. वह इस बार सातवें स्थान पर रहा, जो पिछले साल चौथे नंबर पर था. दिल्ली छावनी बोर्ड 172वें नंबर पर आया है. ईस्ट एमसीडी का 434 शहरों की लिस्ट में 196वां नंबर है. इसी तरह से साउथ एमसीडी 202वें नंबर पर रही. नाॅर्थ एमसीडी सफाई के मामले में 279वें नंबर पर है.

टॉप-100 में एनसीआर के सिर्फ दो शहर : एनसीआर के सिर्फ दो शहर टॉप-100 में जगह बना पाये. करनाल 65वें और फरीदाबाद 88वें नंबर पर रहा. गुरुग्राम 112वें नंबर पर है. उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद टॉप-300 में भी नहीं आया. वह 351वें नंबर पर है.

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