राजस्थान के भरतपुर में मैरिज हॉल की दीवार गिरी, 24 की मौत

0
559

भरतपुर। राजस्थान के सेवर कस्बे में बुधवार देर रात तेज आंधी और बारिश के कारण एक विवाह स्थल की दीवार गिर गई। इस हादसे में 24 लोगों की मौत हो गई और करीब 35 लोग घायल हो गए। मृतकों में 23 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि एक व्यक्ति की मौत ईलाज के दौरान हुई है। मृतकों में 8 महिलाएं, 4 बच्चे और 12 अन्य लोग है। यह विवाह स्थल बिना लाइसेंस के चल रहा था और दीवार बनाने में काफी लापरवाही बरती गई थी।

प्रशासन ने विवाह स्थल संचालक को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच के आदेश दिए गए है। इसके साथ की मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार तथा घायलों को 10-10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने घटना पर शोक प्रकट किया है।
भरतपुर हादसे के पीड़ितों को मुआवज़ा देंगे पीएम मोदी
राजस्थान के भरपुतर में बुधवार रात एक शादी समारोह में हुए हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को पीएम मोदी ने मुआवज़ा देने का ऐलान किया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की कि राजस्थान के भरतपुर में एक विवाह भवन की दीवार गिरने के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को मुआवजे के तौर पर दो-दो लाख रुपए दिए जाएंगे.
मोदी ने कहा कि मैं अपना दुख शब्दों में बयां नहीं कर सकता. मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. मैं घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं. वहीं प्रधानमंत्री ने हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों के लिए 50,000 रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की है.एसपी अनिल टांक ने बताया कि हादसे के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तत्काल घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया. हालांकि दीवार के नीचे दबने वाले लोगों को गंभीर चोटें आने से लोगों की जान चली गई.
इस विवाह समारोह के लिए बारात जयपुर से गई थी। शाम सात बजे करीब बारात वहां पहुंची थी और खाना चल रहा था। इसी दौरान तेज आंधी और बारिश के साथ ओले गरिना शुरू हो गए। इससे बचने के लिए काफी लोग दीवार के सहारे लगे टीन शेड में चले गए। यह टीन शेड और दीवार ही मौत का कारण बन गई। अंधड के कारण दीवार गिर गई और इसी के नीचे आ कर लोगों की मौत हो गई।
लाइट बंद टॉर्च में हुआ बचाव कार्य
इस हादसे के दौरान बिजली चली गई और लोगों को टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में गिरी हुई दीवार से निकाला गया। वहीं प्रशासन की घोर लापरवाही सामने आई। सूचना देने के भी करीब दो घंटे बाद वहां प्रशासनिक अमला पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार समय पर जेसीबी पहुंचती तो मलबे के नीचे दबे काफी लोगों को बचाया जा सकता था।
अस्पताल में भी नहीं था जनरेटर
अंधड के कारण अस्पताल में भी बिजली चली गई थी और यहां का जनरेटर भी काम नहीं कर रहा था। सरकारी अस्पताल में जब घायलों का पहुंचना प्रारंभ हुआ तो घायलों का ईलाज टॉर्च की रोशनी में किया गया।
पोस्टमार्टम में भी देरी
भरतपुर के अस्पताल में गुरुवार सुबह भी लापरवाही का मंजर देखने को मिला। मृतकों का सुबह छह बजे से पोस्टमार्टम होना था लेकिन चिकित्सकों के समय से नहीं पहुंच पाने के कारण पोस्टमार्टम प्रक्रिया 7.30 बजे प्रारंभ हो सकी।
12 फुट उंची 100 फीट लम्बी थी दीवार
अब तक हुई जांच में सामने आया है कि विवाह स्थल संचालक ने दीवार बनाने में घोर लापरवाही बरती थी। जिस दीवार का सहरा ले कर करीब सौ लोग खडे थे, वह 12 फीट उंची और 100 फीट लम्बी थी, लेकिन इसके बीच में कोई पिलर नहीं था। पिलर होता तो दीवार गिरने की सम्भावना कम थी। इस दीवार पर ही टीनशेड डाल दिया गया था।
दूल्हा दुल्हन सुरक्षित, मृतकों में अधिकतर दुल्हन पक्ष के

इस विवाह के लिए बारात जयपुर से गई थी। जयपुर के धमेन्द्र सैनी का विवाह था। घटना में दूल्हा दुल्हन सुरक्षित है। हालांकि मृतकों में ज्यादातर दुल्हन पक्ष के है। इस घटना के बाद देर रात दूल्हा-दुल्हन जयपुर लौट आए। दूल्हे धमेन्द्र ने बताया कि घटना के बाद दुल्हन बेहोश हो गई और वे करीब सवा घंटे तक उसे गाडी में लिए बैठे रहे। अफरा-तफरी ऐसी थी कि कुछ समझ नहीं आ रहा था। बडी मुश्किल से लोगों को निकाला और जिन्हें बचा सकते थे, उन्हें बचाया। दुल्हन को अभी पूरी घटना की जानकारी भी नहीं दी गई है। पूरे राज्य में विवाह स्थलों की जांच के आदेश- घटना के बाद सरकार जागी है और स्वायत्त शासन मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने भरतपुर घटना की रिपोर्ट मांगी है और पूरे राज्य में विवाह स्थलों में सुरक्षा इंतजाम की जांच करने के निर्देश दिए है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here