दोपहिया उद्योग में ऑटोमेटिक स्कूटर पहले स्थान पर

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गुरुग्राम। दोपहिया वाहन उद्योग के आटोमेटिक सेगमेंट मे ऑटोमेटिक स्कूटर पहले स्थान पर रहा है। ऑटोमेटिक स्कूटर सेगमेंट का दोपहिया वाहन उद्योग में योगदान 35 फीसदी है और इसमें 89 फीसदी योगदान होंडा का है।

होण्डा टू व्हीलर्स इंडिया ने यहां जारी एक बयान में कहा कि अप्रैल 2017 में रिकॉर्ड बिक्री के साथ होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया प्रा. लिमिटेड भारतीय दोपहिया उद्योग के विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

बयान के अनुसार, ऑटोमेटिक सेगमेन्ट में होंडा की बाजार हिस्सेदारी अब तक के अधिकतम 63 फीसदी आंकड़े पर है। होंडा ने नए बीएस-4 पोर्टफोलियो की बढ़ती मांग के चलते 6.6 फीसदी हिस्सेदारी के साथ अपनी स्थिति को सबसे सशक्त बना लिया है। रिकॉर्ड बिक्री के साथ एक्टिवा भारत का सबसे ज्यादा बिकने वाला दोपहिया वाहन है।

कंपनी ने बयान में कहा कि होंडा टू व्हीलर्स ने अप्रैल 2017 में ऑटोमेटिक स्कूटरों की अब तक की सबसे ज्यादा बिक्री (368,550 स्कूटर) दर्ज की है। होंडा स्कूटरों की बिक्री 40 फीसदी की दर से बढ़ी है, जो स्कूटर सेगमेन्ट में 25 फीसदी वृद्धि से कहीं तेज है। इसके अलावा उद्योग जगत में नए ऑटोमेटिक स्कूटरों का 89 फीसदी योगदान अकेले होंडा से आया है।

होंडा मोटरसाइकल की बिक्री एवं विपणन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष यदविंदर सिंह गुलेरिया ने कहा, ‘‘आधुनिक प्रौद्योगिकी एवं नवाचार की परंपरा को जारी रखते हुए होंडा ने बीएस-4 युग में प्रवेश किया और होंडा एक्टिवा 125 के साथ इस सेगमेन्ट में एलईडी पॉजिशन लैम्प को लाने वाली पहली कम्पनी बन गई। 2016-17 में एक्टिवा मोटरसाइकिलों से आगे बढक़र भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाला दोपहिया वाहन ब्रांड बन गया। होंडा स्कूटरीकरण की नई क्रान्ति लाने में अग्रणी है, जिसकी शुरुआत दूसरे और तीसरे स्तर के शहरों में पहले से हो चुकी है।’’

बेहतर सडक़ों और कामकाजी महिलाओं की बढ़ती संख्या के साथ भारतीय उपभोक्ता बेहतर माइलेज की किफायती मोटरसाइकिलों के दायरे से बाहर निकल कर सुविधाजनक और यूनिसेक्स ऑटोमेटिक स्कूटर पसंद करने लगे हैं। अप्रैल 2017 के अंत तक इन सेगमेन्ट्स के बीच का अंतराल कम होकर मात्र एक फीसदी पर आ गया है।