साक्षी मलिक, विनेश और दिव्या फाइनल में चूकीं, देश को मिली चांदी

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रियो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता साक्षी मलिक, ओलंपियन विनेश फोगाट और उभरती पहलवान दिव्या काकरन को शुक्रवार को एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में अपने-अपने वर्ग के फाइनल मुकाबलों में शिकस्त खाने के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। उनके अलावा रितु फोगाट ने 48 किग्रा में कांस्य पदक जीता, जबकि पिंकी चैंपियनशिप से बाहर हो गईं। रियो ओलंपिक के बाद अंतरराष्ट्रीय सर्किट पर वापसी करने वाली साक्षी को 60 किग्रा वर्ग की फाइनल भिड़ंत में जापान की रिसाको कवाइ से शिकस्त खानी पड़ी। रियो ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता कवाइ ने साक्षी को दो मिनट और 44 सेकेंड में 10-0 से शिकस्त देकर स्वर्ण पदक जीता। रियो ओलंपिक में 58 किग्रा वर्ग में उतरने वाली साक्षी इस चैंपियनशिप में अपने वजन वर्ग में परिवर्तन कर 60 किग्रा में खेल रही थीं। साक्षी भले ही स्वर्ण नहीं जीत पाईं, लेकिन उनका फाइनल तक का सफर शानदार रहा। हरियाणा की 24 वर्षीय साक्षी क्वार्टर फाइनल में अपनी प्रतिद्वंद्वी उज्बेकिस्तान की नाबीरा इसेंबाएवा से ज्यादा दमदार दिखीं और उन्होंने नाबीरा को 6-2 से मात देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई। इसके बाद उन्होंने अपनी इस लय को जारी रखते हुए सेमीफाइनल में आयालिम कासीमोवा को 15-3 से शिकस्त देकर फाइनल का टिकट कटाया था। उनके अलावा रियो ओलंपिक में घुटने की चोट के बाद नौ महीने बाद वापसी कर रही विनेश 55 किग्रा में स्वर्ण पदक मुकाबला हार गईं। विनेश जापान की नांजो साइ से 4-8 के अंतर से मुकाबला गंवा बैठी। इससे पहले विनेश ने क्वार्टर फाइनल में उज्बेकिस्तान की सेवारा एशमुरातोवा को 10-0 के अंतर से आसानी से हराया। उन्होंने सेमीफाइनल में चीनी पहलवान की जांग को 4-0 से मात देकर फाइनल में प्रवेश किया था। दिल्ली की पहलवान दिव्या रियो ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता जापानी पहलवान सारा डोशो से स्वर्ण पदक मुकाबला 0-8 के अंतर से हार गईं। इससे पहले दिव्या ने ताइपे की चेन-ची हुआंग को 2-0 से और फिर कोरिया की येनयांग पार्क को 12-4 से हराकर फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि, 48 किग्रा वर्ग में रितु फोगाट कांस्य पदक जीतने में सफल रही। चीन की यानान सुन के चोटिल होने के कारण रितु को कांस्य पदक मुकाबले में वॉकओवर मिला, जिसके कारण उन्हें यह पदक मिल गया। इससे पहले रितु सेमीफाइनल में जापान की युइ सूसाकी से 0-9 से हार गई थीं। वहीं, पिंकी भारत की तरफ से एकमात्र महिला पहलवान रहीं जो 53 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। साक्षी ने कहा, ‘यह मेरे लिए खराब दिन था, लेकिन मुझे आशा है कि मैं आगे होने वाले टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन करूंगी।’ वहीं, विनेश ने कहा, ‘ऐसी गंभीर चोट के बाद मैट पर वापसी करना मुश्किल होता है, लेकिन यह अच्छा अनुभव था। मैं रजत पदक जीतकर खुश हूं। मैं जानती हूं कि चोट के बाद पोडियम पर खड़ा होना कितना मुश्किल है।’

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