दिल्ली-NCR में एंट्रेंस के दोनों ऑप्शन

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एंट्रेंस टेस्ट के मोड को लेकर अब दिल्ली यूनिवर्सिटी ने तय किया है कि दिल्ली-एनसीआर सेंटर्स में स्टूडेंट्स के पास एग्जाम देने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ऑप्शन होंगे। बाकी 17 शहरों के एग्जामिनेशन सेंटर्स में एग्जाम सिर्फ ऑनलाइन मोड से यानी कंप्यूटर बेस्ड होंगे। पीजी, चुनिंदा यूजी, एमफिल, पीएचडी प्रोग्राम के लिए डीयू की स्टैंडिंग कमिटी की मीटिंग ने शुक्रवार को यह फैसला लिया गया। 31 मई से इन प्रोग्राम के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे। हालांकि, एबीवीपी और डूसू की मांग है कि ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों ऑप्शन सभी शहरों में दिए जाएं। यूनिवर्सिटी अपने सभी पोस्ट ग्रैजुएट, चुनिंदा अंडरग्रैजुएट कोर्सेज, एमफिल और पीएचडी प्रोग्राम में ऐडमिशन एंट्रेंस टेस्ट के बेसिस पर करती है। इस बार डीयू ने इन सभी के लिए ऑफलाइन की बजाय ऑनलाइन एंट्रेंस मोड रखने का फैसला किया था, जिसका पिछले कुछ दिनों से एबीवीपी, डूसू और टीचर्स का एक ग्रुप प्रोटेस्ट कर रहे हैं। इनका कहना है कि ऐडमिशन प्रोसेस से कुछ दिन पहले ही इतना बड़ा बदलाव स्टूडेंट्स खासतौर पर पिछड़े इलाकों के स्टूडेंट्स के लिए बहुत मुश्किल होगा। उन्हें कंप्यूटर के जरिए टेस्ट देने में काफी दिक्कत आएगी। एबीवीपी का कहना है कि डीयू ने बिना स्टूडेंट्स यूनियन और टीचर्स से सुझाव लिए बिना यह फैसला लिया है।
स्टूडेंट्स के विरोध के बाद स्टैंडिंग कमिटी ने फैसला लिया है कि एंट्रेंस के लिए 18 में से 17 शहरों में तो एग्जाम ऑनलाइन ही होंगे, लेकिन अगर स्टूडेंट्स दिल्ली-एनसीआर सेंटर्स चुनते हैं, तो उन्हें ऑनलाइन और ऑफलाइन (पेन-पेपर बेस्ड) दोनों के ऑप्शन मिलेंगे। यह पीजी, एंट्रेंस बेस्ड यूजी, एमफिल, पीएचडी सब के लिए लागू है। स्टैंडिंग कमिटी के मेंबर डॉ. पंकज गर्ग ने बताया, शुक्रवार को हमने इस पर फैसला ले लिया है कि अब दिल्ली-एनसीआर में ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों मोड में एग्जाम होंगे और बाकी 17 शहरों में सिर्फ कंप्यूटर बेस्ड एंट्रेंस एग्जाम होंगे। देश के किसी भी कोने से अगर स्टूडेंट को ऑनलाइन टेस्ट में दिक्कत है तो वह ऑफलाइन का ऑप्शन भर सकता है। हालांकि, स्टूडेंट्स को ऑनलाइन मोड में भी कोई दिक्कत नहीं होगी, क्योंकि कॉमन लॉ एंट्रेंस टेस्ट, आईआईटी के पीजी कोर्सेज के लिए जॉइंट ऐडमिशन टेस्ट वगैरह सिर्फ ऑनलाइन ही होते हैं और देशभर से स्टूडेंट्स अच्छा परफॉर्म करते हैं।
नहीं बढ़ेगी एंट्रेंस फीस
स्टैंडिंग कमिटी ने यह भी फैसला लिया है कि पीजी, यूजी, एमफिल-पीएचडी सभी प्रोग्राम के लिए एंट्रेंस टेस्ट की फीस नहीं बढ़ाई जाएगी। बढ़ाई गई फीस को लेकर भी स्टूडेंट्स खिलाफ थे। पिछले साल 500 रुपये के मुकाबले यूनिवर्सिटी ने ऑनलाइन एंट्रेंस टेस्ट की फीस 650 रुपये रखी थी।
जारी रहेगा विरोध
हालांकि, इस फैसले के बाद भी एबीवीपी, डूसू का प्रोटेस्ट जारी रहेगा। एबीवीपी के नैशनल मीडिया कन्वीनर साकेत बहुगुणा का कहना है कि यह फैसला उलटा है। ऑफलाइन ऑप्शन की ज्यादा जरूरत देश के दूसरे हिस्सों में है, दिल्ली-एनसीआर के स्टूडेंट्स तो फिर भी कंप्यूटर फ्रेंडली हैं। हमारी मांग है कि दोनों ऑप्शन सभी शहरों में दिया जाए। शुक्रवार को स्टूडेंट्स का प्रोटेस्ट आर्ट फैकल्टी में चला। एबीवीपी का कहना है कि इस बीच पुलिस ने 30 से ज्यादा स्टूडेंट्स को डिटेन भी किया। डीयू के लिए एंट्रेंस टेस्ट जून से शुरू होते हैं।

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