GST से नागरिकों पर कम होगा टैक्स का बोझ: जेटली

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जीएसटी काउंसिल ने शुक्रवार को सेवाओं पर भी टैक्स की दरों को तय कर दिया। सबसे ज्यादा सेवाओं पर 18 फीसदी जीएसटी लगाने का फैसला लिया गया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इससे आम आदमी पर कोई बोझ नहीं बढ़ेगा। जीएसटी काउंसिल के चेयरमैन जेटली ने कहा, ‘सेवाओं पर जीएसटी लगने से टैक्स कलेक्शन बढ़ेगा, लेकिन महंगाई पर इसका कोई असर नहीं होगा।’ उन्होंने कहा कि नागरिकों पर इसका बोझ बढ़ने की बजाय कम होगा। जेटली ने कहा कि काउंसिल का अजेंडा लगभग पूरा हो चुका है, गुड्स और सर्विसेज की दरें तय हो चुकी हैं। अब उम्मीद है कि 1 जुलाई से जीएसटी को लागू किया जा सकेगा। उन्होंने कहा, ‘जीएसटी लागू करने से जुड़ा ज्यादातर काम हो चुका है। कुछ ही चीजें तय करना बाकी है।’ जीएसटी की अगली मीटिंग 3 जून को होगी। इस बैठक में ही सोने पर जीएसटी की दरों को तय किया जा सकता है। गुड्स पर जीएसटी काउंसिल ने 5%, 12%, 18% और 28% का रेट तय किया है। वहीं, सेवाओं की बात की जाए तो सिर्फ 5 सेवाओं, फाइव स्टार होटल. मूवी टिकट, रेसिंग, बेटिंग और कैसिनो, पर 28 पर्सेंट का टैक्स लगाने का फैसला हुआ है। एजुकेशन और स्वास्थ्य सेवाओं पर पहले की तरह ही टैक्स छूट जारी रहेगी। ज्यादातर सेवाओं 18 पर्सेंट टैक्स के दायरे में आएंगी। इनमें बैंकिंग ऐंड इंश्योरेंस, टेलिकॉम, आईटी, स्पेक्ट्रम नीलामी जैसी सरकारी सेवाएं, शराब परोसने वाले या एसीयुक्त रेस्तरां शामिल हैं। ई-कॉमर्स कंपनियों पर सोर्स पर कलेक्शन पर 1 पर्सेंट टैक्स देना होगा।

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