ओलिंपिक 2020 के लिए सशक्त संचालन समिति की सिफारिश

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ओलिंपिक टास्क फोर्स ने तोक्यो में 2020 में होने वाले खेलों के सबसे बड़े आयोजन के लिए एक शक्तिशाली संचालन समिति बनाने की सिफारिश की है। इसके साथ ही टास्क फोर्स ने भारतीय कोचों की सैलरी पर किसी भी तरह की अधिकतम सीमा हटाने की पैरवी भी की है। अगले तीन ओलिंपिक खेलों के लिए कार्ययोजना तैयार करने के लिए इस टास्क फोर्स का गठन खेल मंत्रालय ने किया है। 8 सदस्यों वाली टास्क फोर्स ने सोमवार को खेल मंत्री विजय गोयल से मुलाकात की। टास्क फोर्स में ओलिंपिक स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज अभिनव बिंद्रा और राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद भी शामिल हैं। गोपीचंद ने कहा, ‘हमने अपनी बैठक के दौरान कुछ बिंदुओं को रखा और मुख्य सिफारिश अगले ओलिंपिक खेलों के लिए एक शक्तिशाली संचालन समिति गठित करने को लेकर थी।’ उन्होंने कहा, ‘हम नियमित अंतराल के बाद बैठक करते रहे हैं। 2020 के अलावा 2024 और 2028 को लेकर भी चर्चा चल रही है।’ गोपीचंद ने कहा, ‘हमने कई मसलों पर चर्चा की और अपनी बातों को रखा, जिन्हें सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर तालमेल के लिए आखिर में लागू किया जा सकता है।’ पैनल में शामिल तीन खिलाड़ियों, बिंद्रा, गोपीचंद और पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान वीरेन रासकिन्हा को तोक्यो ओलिंपिक के लिए योजना तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। टाइम्स ग्रुप ऑनलाइन के चीफ एडिटर राजेश कालरा, शिक्षाविद् ओम पाठक, खेल वैज्ञानिक जी. एल. खन्ना और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ गुजरात के महानिदेशक संदीप प्रधान टास्क फोर्स के अन्य सदस्य हैं।
टास्क फोर्स की ये 8 सिफारिशें इस प्रकार हैं:
1. इस सशक्त संचालन समिति के साथ मिलकर काम करने के लिए इंटरनैशनल स्तर पर हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर (HPD) को भी नियुक्त किया जाए।
2. भारतीय कोच और सपॉर्ट स्टाफ की सैलरी पर अधिकतम सीमा की बंदिश हटाने की पैरवी की है।
3. पूर्व एथलीट्स को विभिन्न संघों के माध्यम से जोड़कर कोचिंग/ सपॉर्ट स्टाफ/ टेक्नीकल फील्ड आदि से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
4. सक्षम एथलीट्स और उनके कोच के लिए ‘राष्ट्रीय पूंजी’ के रूप में ‘प्रधानमंत्री गोल्ड कार्ड’ जारी किये जाएं। इस कार्ड से खिलाड़ियों और कोचों को हवाई/ ट्रेन/ बस से यात्रा के लिए इमर्जेंसी कोटा जैसी आरामदायक सुविधाएं मिलनी चाहिए।
5. ESC के तहत खिलाड़ियों के लिए विशेष सेल गठित होना चाहिए, जो खिलाड़ियों की जरूरत के सामान का ख्याल रखे। इससे खिलाड़ी सिर्फ अपनी ट्रेनिंग पर फोकस कर सकेंगे।
6. स्पोर्ट्स साइंस को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। यह HPD को सहयोग करने में अहम योगदान देगी। अगर कोचों से अच्छे परिणाम चाहिए, तो यह तय करना जरूरी है कि सभी स्पोर्टसपर्सन के पास दवाओं, पोषण संबंधी सलाह और ऐंटी डोपिंग से संबंधित सभी आधुनिक जानकारियां उपलब्ध होनी चाहिए।
7. नैशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) की 24X7 हेल्पलाइन होनी चाहिए, जिस पर किसी भी वक्त खिलाड़ी किसी तरह का संशय होने पर सलाह ले सकें।
8. खिलाड़ियों और कोच की प्रमुखता हमेशा पहले होनी चाहिए। ESC और HPD को उनके लिए बेहतर वातावरण तैयार करने के लिए काम करना चाहिए। इनमें इन्फ्रास्ट्रक्चर, उपकरण ट्रेनिंग कैंप आदि सभी शामिल हैं।
9. टास्क फोर्स ने जोर देते हुए कहा है कि ये सभी सिफारिशें पैरा एथलीट्स पर भी लागू हों। अपनी सिफारिशों में पैरा ओलिंपिक खेलों को शामिल करते हुए टास्क फोर्स ने अपनी इस रिपोर्ट का टाइटल ‘2020 तोक्यो ओलिंपिक और पैरालिंपिक खेलों की तैयारी’ रखा है।

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