प्रभुनाथ सिंह को सजा का राजनीतिक दलों ने किया स्वागत

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राजद नेता और पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को विधायक अशोक सिंह हत्‍याकांड में हजारीबाग कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। एडीजे 9 सुरेंद्र शर्मा की कोर्ट ने प्रभुनाथ सिंह के साथ ही उनके भाई दीनानाथ सिंह और रितेश सिंह को भी उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों पर 40-40 हजार रुपए का आर्थिक दंड भी लगाया है।
इस फैसले का बिहार के विभिन्न राजनीतिक दलों ने स्वागत किया है और टिप्पनी की है। भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा कि प्रभुनाथ सिंह को कोर्ट से उम्रकैद की सजा सुनाए जाने का स्वागत करता हूं। यदि यह मामला हजारीबाग कोर्ट को ट्रांसफर नहीं होता तो पीडि़ता को इंसाफ नहीं मिलता। अब राजद प्रभुनाथ सिंह और मो.शहाबुद्दीन जैसे सजायाफ्ता नेताओं को पार्टी से निकाले।
राजद के विधायक और प्रवक्ता रामानुज प्रसाद ने कहा कि प्रभुनाथ सिंह पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। स्व.अशोक सिंह के मामले में न्यायालय ने जो भी फैसला सुनाया है। उस पर किसी तरह की प्रतिक्रिया देना उचित नहीं है। न्यायालय ने अपना काम किया है।
भाकपा माले के राज्‍य सचिव कुणाल ने कहा कि प्रभुनाथ सिंह को न्यायालय से जो सजा सुनाई गई है, वह कोर्ट का फैसला है। इस फैसले से निश्चित रूप से राजनीति में बढ़ते अपराधीकरण पर अंकुश लगेगा।
जदयू के विधान पार्षद और प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह को न्यायालय से सजा मिली है, उस पर कोई राजनीतिक प्रतिक्रिया देना उचित नहीं है। कानून ने अपना काम किया है और उसके फैसले का स्वागत हर किसी को करना चाहिए।
बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता एचके वर्मा ने कहा कि प्रभुनाथ सिंह को आपराधिक मामले में सजा सुनाई गई है। कोर्ट का जो फैसला है, उसका हम स्वागत करते हैं। प्रभुनाथ सिंह को सजा से गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
जन अधिकार पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष भगवान सिंह कुशवाहा ने कहा कि अशोक सिंह हत्याकांड में फैसला देर से आया। लेकिन दोषियों को अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। इसका हम स्वागत करते हैं। मो.शहाबुद्दीन और प्रभुनाथ सारण-सिवान में दहशत के पर्याय थे जिनके दम पर लालू प्रसाद उस क्षेत्र में धमक रखते थे। कोर्ट के फैसले से साबित हो गया है कि राजद में आपराधिक प्रवृत्ति के नेताओं की पूजा होती है।

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