अधिकारियों के रेकॉर्ड पर ऑनलाइन नजर रखेगी मोदी सरकार

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नरेन्द्र मोदी सरकार ने अब अधिकारियों के कामकाज पर नजर रखने के लिए ऑनलाइन सिस्टम तैयार किया है। इसके जरिए ब्यूरोक्रैट्स के सर्विस रेकॉर्ड का आकलन होगा और खराब प्रदर्शन करने वालों या कम ईमानदार अधिकारियों को रिटायर करने का फैसला किया जाएगा। डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ऐंड ट्रेनिंग (DoPT) ने हाल ही में अन्य मंत्रालयों के साथ मिलकर ‘ऑनलाइन प्रोबिटी मैनेजमेंट सिस्टम’ शुरू किया है। इसके जरिए अधिकारियों की ईमानदारी और प्रदर्शन के स्तर का आकलन किया जाएगा। सरकार 50-55 वर्ष की आयु वाले या नौकरी में 30 वर्ष पूरे कर चुके सभी अधिकारियों के प्रदर्शन का आकलन कर रही है। इसका मकसद यह फैसला करना है कि इन अधिकारियों को नौकरी जारी रखने की अनुमति दी जाए या उन्हें अनिवार्य तौर पर रिटायर कर दिया जाए। एक सरकारी अधिकारी ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, ‘जिन अधिकारियों की समीक्षा की जानी है उनकी संख्या बहुत अधिक होने के कारण इसमें मंत्रालयों को काफी पेपरवर्क करने के साथ ही नियमित तौर पर रिपोर्ट्स जमा करनी पड़ती। नया ‘प्रोबिटी’ पोर्टल इस प्रोसेस को पूरी तरह ऑनलाइन बना देगा और अब इसके जरिए मंत्रालय अपने रिपोर्ट्स ऑनलाइन जमा कर सकेंगी और सरकार को एक ही पोर्टल पर पूरी जानकारी मिल जाएगी।’
DoPT और प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के राज्यमंत्री जितेन्द्र सिंह ने मंगलवार को बताया था कि पिछले कुछ महीनों में ग्रुप A के 30 और ग्रुप B के 99 अधिकारियों को रिटायरमेंट दी गई है। उन्होंने कहा था कि सरकार ने इस तरह की अनिवार्य रिटायरमेंट देने से पहले ग्रुप A के 24,000 और ग्रुप B के 42,251 अधिकारियों के रेकॉर्ड की जांच की थी। इसके अलावा सरकार खराब प्रदर्शन करने वालों की जांच के लिए ग्रुप A के 34,451 और ग्रुप B के 42,521 अधिकारियों के सर्विस रेकॉर्ड देख रही है। एक सीनियर अधिकारी ने ताया कि नया ‘प्रोबिटी’ पोर्टल संवेदनशील और गैर-संवेदशील पदों पर अधिकारियों के रोटेशन पर भी नजर रख रहा है। इसके जरिए उन अधिकारियों की पहचान की जाएगी जो संवेदनशील पदों पर लंबे समय से मौजूद हैं। इसके अलावा DoPT के स्पैरो (स्मार्ट परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट रिकॉर्डिंग ऑनलाइन विंडो) सिस्टम के जरिए संबंधित मिनिस्ट्रीज की ओर से समीक्षा के लिए पूरे अप्रेजल सिस्टम को ऑनलाइन बनाया गया है।
DoPT ने हाल ही में ‘स्पैरो’ का दायरा केवल आईएएस कैडर से बढ़ाते हुए 13 कैडर तक किया था। DoPT का तीसरा पोर्टल ‘सॉल्व’- सिस्टम फॉर ऑनलाइन विजिलेंस इनक्वॉयरी फॉर बोर्ड लेवल अप्वाइंटीज- है। इस पोर्टल का दायरा बढ़ाकर अन्य एंप्लॉयीज तक करने की योजना है, जिससे सरकार को अधिकारियों के प्रदर्शन और ईमानदारी का आकलन करने के लिए ‘प्रोबिटी’, ‘स्पैरो’ और ‘सॉल्व’ पोर्टल्स के बीच कोऑर्डिनेट करने में मदद मिलेगी।

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