कांग्रेस बोली- सहारनपुर हिंसा के लिए CM योगी जिम्मेदार, मौर्य बोले- करेंगे एक्शन

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पश्चिमी उत्तर प्रदेश का सहारनपुर अभी भी हिंसा की आग से अलग नहीं हुआ है. अभी भी लगातार वहां पर हिंसा हो रही है. 23 मई को बसपी सुप्रीमो मायावती के सहारनपुर दौरे के बाद वहां के हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए. मायावती की जनसभा से लौट रहे दलितों पर अटैक किया गया. जिसमें एक शख्स की मौत हो गई. जबकि करीब 15 लोग घायल हो गए. इस मामले के बाद लगातार राजनीति गर्मा रही है.
किसने क्या कहा…?
कांग्रेस ने बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार से सहारनपुर हिंसा मामले में विशेष अदालत गठित करने और आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र तैयार करने की मांग की है. कांग्रेस ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में हिंसा का शिकार हो रहे दलित समुदाय को सुरक्षा मुहैया कराना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उत्तरादायित्व है. कांग्रेस की अनुसूचित जाति इकाई के अध्यक्ष के. राजू ने कहा कि राज्य प्रशासन को यह समझना होगा कि वे अनुसूचित जाति/जनजाति प्रताड़ना (संरक्षण) अधिनियम-1989 के तहत हिंसा से पीड़ित दलितों को तत्काल राहत, पुनर्वास और मुआवजा देने के उत्तरदायित्व से बंधे हुए हैं. राजू ने कहा, “दलित समुदाय के खिलाफ तथाकथित ऊंची जाति के सैकड़ों लोगों ने हिंसा की, लेकिन अब तक सिर्फ 32 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.” उन्होंने कहा, “सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और राज्य सरकार को मामले में 120 दिन के अंदर फैसला करने के लिए विशेष अदालत गठित करनी चाहिए. सरकारी वकीलों का एक विशेष दल बनाना चाहिए और 60 दिन के अंदर आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल करवाना चाहिए. हम मामले की स्वतंत्र जांच की मांग करते हैं.” कांग्रेस ने यह मांग भी उठाई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तत्काल सतर्कता एवं निगरानी समिति की बैठक बुलानी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि ऐसी घटनाएं फिर न हों. राजू ने कहा, “सहारनपुर की सबसे चिंताजनक बात यह है कि प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है और मूकदर्शक बनी हुई है. न तो वे सुरक्षात्मक कदम उठा रहे हैं और न ही कानून की बहाली के लिए कोई कार्रवाई कर रहे हैं.”
दंगे भड़काने वाले बख्शे नहीं जाएंगे: केशव मौर्य
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि दंगे भड़काने वाले कितने भी बड़े क्यों न हों, बख्शे नहीं जाएंगे. सहारनपुर में हुए दंगे की जांच चल रही है. दोषियों को पकड़ कर सख्त कार्रवाई की ही जाएगी. झांसी में आयोजित यति सम्मेलन में हिस्सा लेने आए उप मुख्यमंत्री केशव मौर्या ने कहा कि सपा और बसपा जातिवाद को बढ़ावा दे रही है, जिसके कारण दंगे भड़क रहे हैं. सहारनपुर में हालात बिगड़े हैं, वहीं, बसपा नेता मायावती भी वहां गई उनके वापस जाने के बाद फिर समाज में अस्थिरता पैदा हो गई. उन्होंने बसपा मुखिया का नाम लिए बगैर कहा कि दंगे भड़काने वाले कितने भी बड़े क्यों न हो बख्शे नहीं जाएंगे. सहारनपुर में हुए दंगे की जांच चल रही है. दोषियों को तो पकड़ कर सख्त कार्रवाई की ही जाएगी, वहीं जिनके कारण दंगे भड़क रहे हैं, जांच में वह दोषी पाये जाते हैं तो उन्हें भी नहीं छोड़ा जाएगा. उन्होंने कहा कि विपक्षी राजनीतिक पार्टियां सपा और बसपा उत्तर प्रदेश में माहौल बिगाड़ने का काम कर रही है. पहले से ही उन्हीं पार्टियों द्वारा समाज में जो बोया गया था इसे ठीक किया जा रहा है. इसके लिए समय लगेगा, ऐसा नहीं है कि तुरंत व्यवस्था दुरुस्त हो जाएगी. सुधार का कार्य तेजी से किया जा रहा है.
दलित की हुई मौत
यूपी सरकार ने गृहमंत्रालय को भेजी रिपोर्ट में बताया है कि 23 मई को मायावती की रैली से लौट रहे लोगों पर ठाकुर समुदाय के लोगों ने हमला किया. इसमें 1 एक दलित युवक की मौत हो गई, जबकि 15 लोग घायल हो गए हैं.
इंटरनेट सेवा पर बैन
बिगड़ते हालात के बीच सहारनपुर में इंटरनेट सेवाओं पर बैन लगा दिया गया है. साथ ही पूरे शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है. वहीं बुधवार को जिस शख्स को गोली लगी थी उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है.
क्या है पूरा मामला?
सहारनपुर के शब्बीरपुर गांव में महाराणा प्रताप शोभायात्रा के दौरान हुए एक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था. इसके बाद विशेष जाति पर दलितों के साथ अत्याचार करने और उनके घर जलाने का मामला सामने आया था. इस मामले में भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर के खिलाफ केस दर्ज किया गया था. इसके बाद बीते रविवार को भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में दिल्ली के जंतर मंतर पहुंचकर प्रदर्शन किया था.

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