बिहार के आर्ट्स टॉपर गणेश ठाकुर को मिले अंक पर विवाद, शिक्षा मंत्री का सवाल – प्रश्न पूछने वाले संगीतज्ञ थे क्या?

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पटना : बिहार विद्यालय परीक्षा समिति और विवादों का रिश्ता पुराना रहा है. मंगलवार को इंटर साइंस, आर्ट्स और वाणिज्य का रिजल्ट घोषित होने के बाद ही सवाल उठने शुरू हो गये. सबसे पहला सवाल उन छात्रों और अभिभावकों की ओर से उठना शुरू हुआ, जिनके बच्चे फेल हुए व जो परीक्षार्थी फेल हुए हैं. इतना ही नहीं, बुधवार को भारी संख्या में इंटर में फेल छात्रों ने इंटर काउंसिल के सामने हंगामा किया, स्थिति इतनी बिगड़ी की पुलिस को लाठी चार्ज तक करनी पड़ी. एक ओर जहां 13 लाख परीक्षार्थियों में से लगभग आठ लाख के फेल हो जाने के बाद रिजल्ट की विश्वसनीयता को लेकर हंगामा बरपा हुआ है, वहीं इंटर आर्ट्स के टॉपर गणेश ठाकुर को संगीत में मिले मार्क्स पर विवाद खड़ा हो गया है. उसे संगीत प्राइक्टिकल में 70 में 65 अंक मिले हैं. बिहार-झारखंड के प्रमुख न्यूज चैनल जी पुरबइया ने अपनी पड़ताल के आधार पर दावा किया है कि गणेश ठाकुर को संगीत की कोई बेसिक जानकारी भी नहीं है, तो फिर उसे 70 में 65 नंबर कैसे दिया जा सकता है. चैनल का दावा है कि उसे सुर व ताल की जानकारी भी नहीं है. गणेश झारखंड के गिरिडीह का है और उसने समस्तीपुर से परीक्षा दी है और टॉपर हुआ है. अचानक गिरिडीह से उसका समस्तीपुर पहुंचना भी कई सवाल खड़े करता है. जी पुरबइया चैनल ने गणेश से बात भी की है और उसने बातचीत में कहा है कि उसे टॉपर होने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन अच्छे से परीक्षा दिया था, परीक्षा में अच्छे से सजा कर लिखे थे, इसलिए टॉपर हो गया.

इन विवादों के बीच राज्य के शिक्षामंत्री अशोक चौधरी ने आज आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की. नीतीश कुमार से मुलाकात के बाद अशोक चौधरी ने मीडिया से कहा कि सिर्फ निगेटिव बातों का प्रचार किया जा रहा है, गणेश ठाकुर विवाद पर उन्होंने कहा कि जिन्होंने उनसे संगीत के बारे में सवाल पूछा क्या वे संगीतज्ञ थे? अशोक चौधरी ने कहा कि अगर किसी विषय की काॅपी के मूल्यांकन में गड़बड़ी हुई तो उसके लिए हमने समय दिया है. मालूम हो कि कल नीतीश कुमार ने भी परीक्षा परिणाम पर उत्पन्न हुए विवाद पर कहा था कि हमने चुनौतियों को अवसर में बदला है.उधर, जिनके बच्चे असफल हुए हैं उनके अभिभावक दोबारा कॉपी जांच की बात कर रहे हैं, वहीं छात्र फोन कर पैसे मांगने और नहीं देने पर फेल कर देने का आरोप लगा रहे हैं. कई टीवी चैनलों में पैसा वसूलने वालों की टेलीफोन वार्ता को भी प्रसारित किया गया है.

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इंटर आर्ट्स का टॉपर गणेश फरार है. यह सवाल उठा रहा है कि झारखंड के गिरिडीह के सरिया का रहने वाले गणेश अचानक समस्तीपुर पहुंचकर टॉपर कैसे बन गया. मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा किया है कि गणेश ठाकुर न ही सरिया में है और न ही समस्तीपुर में. टीवी रिपोर्ट के मुताबिक गणेश ने समस्तीपुर के रामनंदन सिंह जगदीप नारायण उच्च माध्यमिक स्कूल से फार्म भरा था. उसके प्रधानाध्यापक अभितेंद्र कुमार भी गणेश को खोज रहे हैं. उन्होंने बताया कि मैं भी विद्यालय के टॉपर को ढूंढ रहा हूं. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि गणेश ठाकुर का कोई संपर्क नंबर नहीं है. उसने फार्म भरते वक्त अपना स्थायी पता गिरिडीह दिया है. उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को पता लगाने के लिए उसके स्थायी पत्ते पर भेजा गया है. जैसे ही कोई सूचना मिलेगी मीडिया को बताया जायेगा.

सवाल उठने शुरू

स्कूल के प्रधानाध्यापक ने कहा कि उनके स्कूल से इस साल गणेश टॉपर हुआ है, जबकि कुल 648 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे. वहीं दूसरी ओर टॉपर पर सवाल उठने के बाद बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि उनके किसी टॉपर पर कोई सवाल नहीं उठा सकता. गणेश काबिल है. वहीं दूसरी ओर मीडिया में यह खबरे चल रही है कि 12वीं की परीक्षा पास करते वक्त छात्रों की सामान्यतया उम्र 17 से 19 वर्ष के बीच होती है, वहीं गणेश की उम्र 24 साल है. उसकी जन्मतिथि 2 जून 1993 है. सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि आखिर कैसे समस्तीपुर में किराये के मकान में रहते हुए गणेश रोजाना 22 किलोमीटर का सफर तय कर गांव के स्कूल में जाता था? यह भी कहा जा रहा है कि स्कूल में दाखिले के वक्त भरे गये फार्म में नामांकन की तारीख नहीं है. गणेश के नामांकन फार्म में स्थानीय पता दर्ज नहीं है.

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