अलगाववादियों पर छापेमारी, लश्कर-हिजबुल के लेटरहेड मिले

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कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए अलगाववादी नेताओं की टेरर फंडिंग के मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने शनिवार को ताबड़तोड़ छापे मारे। दिल्ली, हरियाणा और कश्मीर में अलग-अलग 23 जगहों पर छापे मारे गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस छापेमारी में लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे आतंकी संगठनों के लेटरहेड के अलावा पेन ड्राइव्स और लैपटॉप भी बरामद हुए हैं। एनआईए की टीम ने उन नए लोकेशनों पर भी छापेमारी की है जिनका खुलासा पूछताछ के दौरान हुआ था। श्रीनगर के बाहरी इलाके हुमहामा में स्थित एनआईए के कैंप दफ्तर से विभिन्न टीमें भारी सुरक्षा के बीच यहां से निकलीं। जिन लोगों के यहां छापेमारी हुई उनमें कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी के दामाद अलताफ फंटूश, व्यापारी जहूर वाटाली, मीरवाइज उमर फारुख के नेतृत्व वाली आवामी ऐक्शन कमिटी के नेता शाहिद-उल-इस्लाम और कुछ दूसरे अलगाववादी नेता हैं जो हुर्रियत के दोनों धड़ों और जेकेएलएफ से जुड़े हैं। अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी ने कश्मीर घाटी में विभिन्न स्थानों से छापेमारी के दौरान 1.5 करोड़ रुपये नकद बरामद करने के अलावा कुछ दस्तावेज जब्त किये जिनकी जांच की जा रही है। घाटी में 1990 के दशक की शुरुआत में आतंकवाद पनपने के बाद यह पहला मौका है जब एक केंद्रीय जांच एजेंसी ने अलगाववादियों के टेरर फंडिग लिंक सिलसिले में छापेमारी की है। आरोप है कि इस रकम का इस्तेमाल घाटी में विध्वंसक गतिविधियों के लिये किया गया। इससे पहले वर्ष 2002 में आयकर विभाग ने गिलानी समेत हुर्रियत नेताओं की जांच की थी और नकदी व दूसरे दस्तावेज जब्त किये थे। हालांकि तब कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया था। NIA ने 29 मई को तहरीक-ए-हुर्रियत के तीन अलगाववादी नेताओं फारूक अहमद डार उर्फ बिट्टा कराटे, नईम खान और जावेद अहमद बाबा उर्फ गाजी से पूछताछ भी की थी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में लश्कर-ए-तैयबा चीफ हाफिज सईद के अलावा कट्टर अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी और जम्मू ऐंड नैशनल फ्रंट चेयरमैन नईम खान के खिलाफ भी केस दर्ज कर प्राथमिक जांच शुरू की है। अलगाववादी नेताओं पर लश्कर चीफ और आतंकी हाफिज सईद से पैसे लेने के आरोप लगे हैं।

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