चारा घोटाले में पेश हुए लालू, बेनामी संपत्ति केस में मीसा को मिली मोहलत

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राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति मामले में आयकर विभाग के समन पर हाजिर नहीं हुईं। मीसा ने व्यस्तता की बात कहते हुए पेश होने के लिए समय मांगा। विभाग ने मीसा भारती पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए 12 जून को पेश होने को कहा है। बेनामी संपत्ति मामले में आयकर विभाग ने मीसा भारती और उनके पति शैलेश को समन जारी किया था। दोनों को मंगलवार को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में पेश होना था, लेकिन मीसा भारती ने व्यस्तता की बात कहते हुए पेश होने के लिए समय मांगा। इनकम टैक्स विभाग ने अब मीसा को 12 जून की तारीख दी है। हालांकि मीसा के पति शैलेष को यह छूट नहीं मिली है। उन्हें बुधवार को ही आयकर विभाग के ऑफिस में पेश होना होगा। दिल्ली में लालू के परिवार के कुछ लोगों ने मुखौटा कंपनियों के जरिये करोड़ों की जमीन बहुत ही कम दाम में खरीदी है। इसके मुताबिक संदेहास्पद कंपनियों के शेयर खरीदने और बेचने की आड़ में की गई इस खरीदारी के आरोपों के घेरे में लालू की सबसे बड़ी बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती और दामाद शैलेश कुमार हैं। राजधानी दिल्ली में इनके द्वारा एक करोड़ 41 लाख रुपये में खरीदी कई संपत्तियों की कीमत 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इससे पहले मीसा भारती के चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश अग्रवाल को भी ED ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया था। ED ने रिमांड पर लेकर उनसे पूछताछ करने के बाद मीसा और शैलेश को नोटिस भेजा। बता दें कि आठ हजार करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राजेश की गिरफ्तारी हुई है। राजेश पर मीसा को धन मुहैया कराने और मीसा की कंपनी मिशेल पैकर्स ऐंड प्रिंटर्स को एंट्री दिलाने का आरोप है। इस मामले में कई बड़े लोगों को कमिशन लेकर शेल कंपनियों के जरिए एंट्री दिलाई गई थी।
चारा घोटाला केस में पेश हुए लालू
उधर, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव मंगलवार को नियत समय पर पटना में सीबीआई की विशेष अदालत मे पेश हुए। बिहार के एक अन्य पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा भी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की अदालत में पेश होंगे। मिश्रा भी चारा घोटाले में आरोपी हैं। एक अन्य चारा घोटाला मामले में रांची में जेल की सजा काटने के बाद लालू प्रसाद और मिश्रा को जमानत पर रिहा कर दिया गया था। यह मामला भागलपुर कोषागार से अवैध रूप से 47 लाख रुपयों की निकासी से संबंधित है। सीबीआई ने 1996 में इस संबंध में मामला दर्ज किया था, जिसके बाद एजेंसी ने लालू प्रसाद और मिश्रा समेत 44 आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले महीने झारखंड उच्च न्यायालय के एक फैसले को दरकिनार करते हुए लालू पर चारों चारा घोटाला मामलों में मुकदमा चलाने का आदेश दिया था। झारखंड उच्च न्यायालय ने लालू के खिलाफ अपराधिक साजिश का आरोप रद्द कर दिया था। चारा घोटाला पशुपालन विभाग द्वारा विभिन्न जिलों से 900 करोड़ रुपयों की अवैध निकासी से संबंधित है। इस दौरान लालू प्रसाद मुख्यमंत्री थे।

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