किसान और जवान मर रहे क्या यही हैं अच्छे दिन : लालू

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पटना : मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में छह किसानों की मौत के बाद मंदसौर में एक तरफ उग्र प्रदर्शन शुरू हो गया है, तो दूसरी तरफ बिहार समेत पूरे देश में राजनीति गरमा गयी है.

बिहार में सबसे पहले राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने इस घटना को लेकर एक के बाद एक करीब दर्जनभर ट्वीट करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर जमकर हमला बोला. इसके साथ ही उनके फेसबुक एकाउंट पर भी इस घटना के विरोध में लंबी-चौड़ी प्रतिक्रिया की गयी है. लालू प्रसाद ने अपने अंदाज में ट्वीट किया है कि दूर देश में कोई मरता है, तो मोदीजी की उंगलियां स्वत: ही उनके स्मार्टफोन पर नाच कर ट्वीट से पीड़ा जाहिर कर देती है पर इस घटना की कोई निंदा तक नहीं की गयी. एक अन्य ट्वीट में कहा है कि अपनी डफली अपना राग, किसान गरीब अब भारत से भाग. किसान देश की रीढ़ हैं. इन्हें कुछ हुआ, तो खड़े नहीं रह पाओगे.

इन्हीं की दशा पर तरक्की की नींव टिकी हुई है. राजद सुप्रीमो ने किसी दूसरे के ट्वीट को री-ट्वीट करते हुए कहा है कि बीजेपी ने सही ही कहा था कि किसानों को आत्महत्या नहीं करने देंगे. जब खुद ही गोली मार देंगे, तो आत्महत्या की नौबत ही नहीं आयेगी. भाजपा सीमा पर जवानों को तो देश के अंदर किसानों पर गोलियां चलवा कर ‘मर जवान, मर किसान’ कर रही है. उन्होंने तंज करते हुए कहा कि क्या यही हैं अच्छे दिन? तानाशाही भाजपा को किसानों की मांगों को कुचलने नहीं देंगे. हम गरीब, मजदूर और किसानों के समर्थन में मजबूती से खड़े हैं.

हक मांगने पर किसानों को मिल रही गोली : केसी त्यागी

जदयू के राष्ट्रीय महासचिव सह राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने कहा कि किसानों को हक मांगने पर अब गोली मिल रही है. महाराष्ट्र के बाद अब मध्य प्रदेश में यह घटना दोहरायी जा रही है. केंद्र सरकार व भाजपा ने सरकार बनने से पहले वादा किया था कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य में 50 फीसदी राशि जोड़ कर दी जायेगी. सरकार बनने के बाद तीन रबी और तीन खरीफ फसल आ चुकी है, लेकिन किसानों को इसका लाभ अब तक नहीं मिला है. गन्ने में तीन साल जीरो प्रतिशत वृद्धि हुई, वहीं इस साल 10 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है.

उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से कहा गया कि 2022 तक किसानों की आमदनी दोगुनी कर दिया जायेगा, लेकिन किसानों के इस्तेमाल की जाने वाली किसी भी वस्तु के दाम नहीं घटाये गये हैं. बिहार, हरियाणा, पंजाब, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड में धान की उपज होती है. यूपीए की सरकार ने 200 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देना शुरू किया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने उसे भी बंद कर दिया है.

केंद्र सरकार ने अब तक पूंजीपतियों के पांच लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ कर दिया है, लेकिन महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश व यूपी की भाजपा सरकार किसानों के कर्ज माफी के लिए कह रही है तो उसे केंद्र पूरा नहीं कर रही है. हक मांगने पर किसानों को गोली मारी जा रही है. जदयू किसानों के साथ है और पार्टी ने राष्ट्रीय महासचिव अखिलेश कटियार के नेतृत्व में अपना प्रतिनिधिमंडल किसानों का हाल जानने के लिए भेजा है. सभी राजनीतिक दलों का प्रतिनिधिमंडल अगर मध्य प्रदेश जाता है तो पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव साथ जायेंगे.

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सह सांसद नित्यानंद राय ने कहा कि भाजपा शुरू से ही किसानों की हिमायती रही है. भाजपा की जहां भी सरकार है, वह किसानों के हित और कल्याण के लिए काम कर रही है. बिहार सरकार को किसानों की कोई चिंता नहीं है. उनके सात निश्चय से कृषि गायब है. बिहार में कृषि कैबिनेट का कोई मतलब नहीं रह गया है. मध्य प्रदेश के मंंदसौर की घटना का बिहार में कोई असर नहीं है.

समस्या सुनने की बजाय किसानों पर चल रही लाठी-गोली : डॉ अशोक

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डाॅ अशोक चौधरी ने कहा है कि किसान अपनी उपज का वाजिब मूल्य मांग रहे थे, जिस पर लाठी-गोली बरसायी गयी है. किसानों की समस्या को लेकर वहां की सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए थी. सहानुभूति के बदले किसानों पर अत्याचार हुआ है.
उन्होंने कहा कि मोदी सरकार किसानों के साथ किये गये वादे को भूल कर उन्हें ठग रही है. लोकसभा चुनाव के दौरान किसानों को लागत मूल्य का 50 फीसदी अतिरिक्त राशि देने की बात कही गयी थी. अब यही मोदी सरकार अपने वायदे से मुकर कर किसानों को छल रही है.

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