कतर का आतंक कनेक्शन, सऊदी अरब ने जारी की लिस्ट

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यूएन
सऊदी अरब और दोहा से संबंध तोड़ने वाले इसके सहयोगी देशों ने आतंक से जुड़े कुछ व्यक्तियों और संस्थाओं की एक सूची जारी की है, जिनका कतर से संबंध है। लिस्ट में 59 व्यक्तियों और 12 संगठनों के नाम हैं, जो किसी न किसी तरह आतंकवाद को बढ़ावा देने से जुड़े हैं और कतर पर उनसे संबंध रखने का आरोप है। सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र और बहरीन की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘यह लिस्ट कतर से जुड़ी है और इससे कतर की पॉलिसी का दोहरापन झलकता है।’

बयान में कहा गया है, ‘इससे पता चलता है कि कतर एक ओर आतंकवाद से लड़ने की घोषणा करता है तो दूसरी ओर अलग-अलग आतंकी संगठनों की मेजबानी करता है।’वैसे लिस्ट में कम से कम ऐसे दो नाम हैं, जिनको अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकियों की फंडिंग करने वाला बताया गया है। हालांकि यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट की पहले की रिपोर्ट में कहा गया था कि कतर ने उनके खिलाफ कार्रवाई की थी। उन दो लोगों के नाम साद अल काबी और अब्द अल लतीफ अल कावरी है।

मिस्र ने आरोप लगाया है कि कतर ने आईएस से जुड़े आतंकी गुट को कथित रूप से बड़ी फिरौती दी थी। कतर के शाही परिवार के सदस्य को इराक में आतंकी गुट ने बंधक बना रखा था, जिसको छुड़ाने के एवज में कतर ने आंतकी गुट को फिरौती दी थी। मिस्र ने संयुक्त राष्ट्र से इसकी जांच कराने को कहा है।कल आतंकवाद के खतरे पर सुरक्षा परिषद की एक डिबेट में बोलते हुए मिस्र के यूएन में उप राजदूत इहाब मुस्तफा ने कतर पर यह आरोप लगाया। मुस्तफा ने कहा कि कतर के शाही परिवार के सदस्य शिकार के एक ट्रिप पर इराक गए थे, जहां उनको एक आतंकी गुट ने अगवा कर लिया था और बंधक बना रखा था। उनलोगों को छुड़ाने के लिए कतर ने इराक में सक्रिय उस आतंकी गुट को 1 बिलियन डॉलर फिरौती के दौर पर दिए। उन्होंने कहा कि अगर यह सही साबित होता है तो इससे साफ हो जाएगा कतर आतंकवाद को समर्थन कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिस आतंकी गुट को फिरौती दी गई, वह आईएस से जुड़ा है।

मुस्तुफा ने कहा कि यूएन के कई रेजॉलूशन में सदस्य देशों से आतंकी गुटों को न तो फिरौती देने और न ही उनको किसी तरह की राजनीतिक छूट देने को कहा गया है। मिस्री राजनयिक ने इस संबंध में कोई साक्ष्य या विवरण नहीं दिए। उन्होंने कहा कि प्रेस में ऐसा कहा गया है।

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