16 जून से देशभर में रोज बदलेंगे पेट्रोल, डीजल के दाम

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सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियां 16 जून से देशभर में रोज पेट्रोल और डीजल के दाम बदल सकती हैं। पिछले महीने पांच शहरों से उन्होंने इसकी शुरुआत की थी। अभी पुडुचेरी, विशाखापट्टनम, उदयपुर, जमशेदपुर और चंडीगढ़ को छोड़कर बाकी जगहों के लिए कंपनियां हर 15 दिनों पर पेट्रोल और डीजल के दाम की समीक्षा करती हैं। रुपये में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम को देखकर ये बदलाव किए जाते हैं। इंडियन ऑयल (आईओसी) ने एक स्टेटमेंट में बताया, ‘पेट्रोल, डीजल के दाम में रोजाना बदलाव मार्केट की मौजूदा हालत का सही आईना होंगे। इससे इनके रिटेल सेलिंग प्राइस में कम उतार-चढ़ाव होगा।’ कंपनी ने कहा, ‘इससे पेट्रोल पंपों पर रिफाइनरी से पेट्रोल, डीजल पहुंचाने का काम भी आसान हो जाएगा।’

आईओसी, एचपीसीएल और बीपीसीएल लोगों को पेट्रोल, डीजल के दाम में रोजाना बदलाव की जानकारी देने के लिए कई उपायों पर विचार कर रही हैं। कंज्यूमर्स को अखबारों, पेट्रोल पंपों, एसएमएस और मोबाइल ऐप्स के जरिये कीमत की जानकारी दी जा सकती है। दाम में रोज बदलाव होने से लोगों का इस पर ध्यान नहीं जाएगा क्योंकि इसमें मामूली बढ़ोतरी या कमी होगी। इससे फ्यूल प्राइसेज तय करने में सरकार की दखलंदाजी भी कम होगी। अक्सर चुनावी सीजन में फ्यूल प्राइसेज तय करने में सरकार दखलंदाजी करती है, जबकि कागज पर कंपनियों को कीमत तय करने की आजादी मिली हुई है। पेट्रोल पंपों के ऑटोमेशन और वॉट्सऐप जैसे मोबाइल ऐप की पॉपुलैरिटी बढ़ने से कंपनियों के लिए दाम में बदलाव की जानकारी डीलरों तक पहुंचाना आसान हो गया है। मोबाइल नेटवर्किंग टूल्स, ऑयल कंपनियों के डीलरों के लिए अपने मोबाइल ऐप और फील्ड ऑफिसर्स का बड़ा नेटवर्क देश के 54,000 पंपों पर दाम में रोजाना बदलाव को लागू करने में निर्णायक रोल अदा करेगा। हालांकि, पेट्रोल पंप डीलरों का कहना है कि इसमें चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के ट्रेजरर नितिन गोयल ने बताया, ’15 दिनों में रेट्स में बदलाव होने पर भी कई पेट्रोल पंप मालिकों को सही समय पर जानकारी नहीं मिल पाती है। मुझे नहीं पता कि कंपनियां रोजाना कीमत में बदलाव को किस तरह हैंडल करेंगी।’ गोयल ने कहा, ’15 दिनों में बदलाव होने पर कंपनियां भविष्य की कीमतों का अंदाजा लगाकर उस हिसाब से इनवेंटरी मैनेज करती थीं। अब यह संभव नहीं होगा। डीलर कम मार्जिन पर काम करेंगे और उन्हें डेली रिवीजन से अपनी इनकम कम होने का डर है।

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