सेमीफाइनल से पहले भारत-अफ्रीका में होगी सबसे बड़ी जंग

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पहले बड़े आईसीसी ओडीआई टूर्नामेंट की कप्तानी कर रहे कोहली के लिए ये मुकाबला सबसे बड़ा होगा। सेमीफाइनल से पहले ये मुकाबला एक तरह से क्वार्टरफाइनल ही है। अपना खिताब बचाने के लिए भारतीय टीम इस मैच को जीतने के लिए हर मुमकिन कोशिश करेगी। जो भी टीम जीतेगी सीधे सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी हारने वाली टीम का सफर खत्म हो जएगा। डिफेंडिंग चैंपियन भारत का मनोबल हाई स्कोरर गेम में श्रीलंका जैसी कमजोर टीम के हाथों हारने से कम हुआ होगा। लेकिन एक कारण है जिससे भारत थोड़ा खुश हो सकता है।
चोकर्स के तमगे से पीछा छुड़ाने की कोशिश करेगी अफ्रीकी टीम
दरअसल नंबर वन टीम दक्षिण अफ्रीका बड़े टूर्नामेंट की चोकर्स टीम मानी जाती है। अफ्रीका भी अपना आखिरी मैच पाकिस्तान के हाथों हार चुकी है। चैंपियंस ट्रॉफी का उद्घाटन मुकाबला जीतने वाली अफ्रीका ने कोई बड़ा आईसीसी का टूर्नामेंट नहीं जीता है। वहीं दूसरी तरफ भारत डिफेंडिंग चैंपयन है। अगर भारतीय टीम हारती है को ऑफ-फील्ड कप्तान-कोच विवाद को दोष दिया जाएगा। हालांकि भारतीय टीम अपनी अच्छी लय में है लेकिन श्रीलंका के खिलाफ बॉलिंग एक बार फिर चिंता का विषय बनी और हार का सामना करना पड़ा। मिला-जुला रहा है कोहली-डिविलियर्स का अब तक का सफर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मैच में भारतीय कप्तान विराट कोहली पर प्रेशर ज्यादा होगा। क्योंकि भारत अपने खिताब को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ दक्षिण अफ्रीकी कप्तान एबी डिविलियर्स के पास खुद को साबित करने का मौका होगा। आईसीसी वनडे रैंकिंग में न केवल उनकी टीम नबर वन है बल्कि बल्लेबाजों में डिविलियर्स खुद नंबर वन हैं। हालांकि मिस्टर 360 कहे जाने वाले डिविलियर्स का बल्ला बल्ला इस टूर्नामेंट में खामोश ही रहा है। डिविलियर्स के पास मौका है कि वे अपनी टीम पर लगे चोकर्स के तमगे से निजात दिलाएं।
अश्विन को मिल सकता है मौका
वहीं अगर भारतीय टीम में बदलाव की बात करें तो इस मैच में कोहली आर अश्विन को हर हाल में खिलाना चाहेंगे। दरअसल अफ्रीका के पास क्विंटन डी कॉक, जेपी डुमिनी और डेविड मिलर जैसे तीन शानदार बाएं हाथ के बल्लेबाजों हैं जिन पर अगर कोई अंकुश लगा सकता है तो वह अश्विन ही हैं। जडेजा गेंद से नहीं तो फील्डिंग से कमाल करते हैं हो सकता है भारतीय टीम अश्विन और जडेजा दोनों को प्लेइंग इलेवन में शामिल करे, क्योंकि अफ्रीकी बल्लेबाज स्पिन को खेलने में उतनी महारत हासिल नहीं रखते। जडेजा को मैच से बाहर रखने के कारण बहुत कम हैं। जडेजा के लिए कहा जाता है कि वो गेंद से अगर अच्छा नहीं कर पाते हैं तो फील्डिंग के कम से कम 15 रन प्रति मैच बचा देते हैं। जो उन्हें इस फॉर्मेट का बड़ा खिलाड़ी बनाता है। इस हिसाब से हार्दिक पांड्या या फिर केदार जाधव को बाहर बिठाया जा सकता है।
शानदार बैटिंग फॉर्म में है टीम इंडिया भारतीय बैटिंग की बात करें को वह शानदार फॉर्म में है। खासतौर पर ओपनिंग जोड़ी जिसने लगातार दो मैचों में 100 रन से अधिक की साझेदारी कर रिकॉर्ड बनाया। हालांकि श्रीलंका के खिलाफ कोहली बिना खाता खोले आउट हो गए थे। अफ्रीका के खिलाफ कोहली के लिए खुद को साबित करने का मौका होगा। दरअसल कोहली और डिविलियर्स आईपीएल में एक ही टीम से खेलते हैं इस हिसाब से कोहली के पास डिविलियर्स के लिए जरूर कोई स्पेशल रणनीति होगी!
टीम स्कॉयड भारतीय टीम: विराट कोहली (कप्तान), शिखर धवन, रोहित शर्मा, युवराज सिंह, महेंद्र सिंह धोनी (विकेटकीपर), हार्दिक पांड्या, केदार जाधव, रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा, उमेश यादव, भुवनेश्वर कुमार, जसप्रित बूमराह, मोहम्मद शमी, दिनेश कार्तिक, अजिंक्य रहाणे
दक्षिण टीम अफ्रीका: एबी डी विलियर्स (कप्तान), हाशिम अमला, क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), डेविड मिलर, जेपी डुमिनी, फॉफ डु प्लेसिस, इमरान ताहिर, केशव महाराज, फरहान बेहार्डियन, क्रिस मॉरिस, वेन पार्नेल, अंदिल फैलुकवेओ, ड्वेने प्रिटोरियस , कागीसो रबादा

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