लालू हुए बीमार तो तेजप्रताप ने घर पर पहुंचा दिया अस्पताल, जानिए

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पटना । राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद जब बीमार पड़ते हैं, तो राजधानी पटना के प्रीमियर सरकारी अस्पताल आइजीआइएमएस से डॉक्टरों की टीम की तैनाती उनके आवास पर कर दी जाती है।

यह सर्वविदित है कि बिहार के वर्तमान स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव के सुपुत्र हैं और लालू यादव फिलहाल इसी पते पर रहते हैं।

जानकारों का कहना है कि लालू जी जब भी बीमार पड़ते हैं, आइजीआइएमएस से मेडिकल टीम की तैनाती उनके आवास पर की जाती है, जबकि सरकारी नियमों के मुताबिक, ऐसी तैनाती नहीं की जा सकती।

दरअसल, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव जब भी बीमार पड़ते हैं, तब सरकारी अस्पताल इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के बड़े डॉक्टरों की तैनाती उनके घर पर कर दी जाती है। ऐसा इसलिए होता है कि क्योंकि उनके पुत्र तेज प्रताप यादव राज्य के स्वास्थ्य मंत्री हैं और आइजीआइएमएस के चेयरमैन।

इसी महीने अस्पताल के तीन डॉक्टरों और दो मेल नर्सों की ड्यूटी उनके आवास 10, सर्कुलर रोड पर आठ दिनों के लिए लगा दी गयी। इससे संबंधित पत्र भी डॉक्टरों को जारी हुए, उन्हें 31 मई, 2017 को वहां ड्यूटी लगायी गयी और 8 जून को तेजप्रताप जब पूजा-पाठ के लिए वृंदावन गए तब जाकर इन डॉक्टरों को एक और विभागीय खत के जरिए आईजीआईएमएस वापस बुलाया गया।

आईजीआईएमएस अस्पताल के 3 सीनियर डॉक्टरों की तैनाती राजद सुप्रीमो के बड़े बेटे और स्वास्थ्य मंत्री तेजप्रताप के घर कर दी गई। ये आदेश 31 मई को आईजीआईएमएस ने अपने विभागीय खत के जरिए किया है।

दिलचस्प है कि जिन चिकित्सकों की ड्यूटी वहां लगायी गयी थी, उनमें एक सामान्य औषधि विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ प्रो नरेश कुमार भी हैं। एक जेनरल सर्जरी के विशेषज्ञ हैं और एक फॉरेन्सिक मेडिसीन विभाग के। इनके अलावा दो मेल नर्सों की भी ड्यूटी वहां लगायी गयी।

हैरत की बात तो ये है कि न तो आईजीआईएमएस अधीक्षक और न ही डॉक्टरों को ये पता है कि आखिर बीमार तेजप्रताप थे या उनके घर का कोई और सदस्य।

बड़ी बात यह है कि आईजीआईएमएस में वैसे ही डॉक्टरों की कमी है, ऊपर से स्वास्थ्य मंत्री के फरमान के बाद अस्पताल प्रशासन ने भी इसे पूरा करने में पूरी चुस्ती दिखा दी, बगैर ये सोचे हुए कि इन 3 सीनियर डॉक्टरों के न रहने से अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज प्रभावित हो सकता है।

उधर, आईजीआईएमएस के निदेशक डॉक्टर एन आर विश्वास ने भी माना है कि वो और अस्पताल वीआईपी पैरवी से आजिज आ गए हैं।

हालांकि, यह सवाल पूछने पर आइजीआइएमएस के चिकित्सा अधीक्षक डॉ पीके सिन्हा ने कहा कि डॉक्टरों की ड्यूटी लालू प्रसाद जी के आवास पर नहीं, बल्कि आइजीआइएमएस के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के चेयरमैन तेज प्रताप यादव के घर की गयी थी।

वे स्वास्थ्य मंत्री के साथ हमारे बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के चेयरमैन भी हैं और अगर उनके आवास पर किसी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी हो, तो हम डॉक्टरों की टीम भेज देते हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या ऐसा करना नियम सम्मत है, तो उन्होंने कहा कि आइजीआइएमएस एक ऑटोनोमस बॉडी है और हम बिहार सरकार के नियम से नहीं चलते, यह फैसला हमलोग परिस्थितियों के हिसाब से लेते हैं।जब उनसे यह पूछा गया कि क्या किसी आम नागरिक के बीमार होने पर भी उसे अस्पताल से यह सुविधा मिल सकती है, तो उन्होंने कहा- नहीं, यह सुविधा सिर्फ चेयरमैन के लिए है।

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