जम्मू-कश्मीर में 24 घंटे के भीतर 6 जगहों पर आतंकी हमले, 13 जवान घायल

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नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर में मंगलवार को अचानक आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर कई जगहों पर ग्रेनेड से हमला किया. इस हमले में करीब 13 जवान घायल हो गए हैं, लेकिन बड़ी बात यह कि इन हमलों में कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ. सुरक्षाबलों की मानें तो इन हमलों के पीछे आतंकियों का मकसद अपनी मौजूदगी दर्ज कराना था. पुलिस महानिदेशक एस पी वैद ने बताया कि कि इस बात की खुफिया जानकारी थी कि आतंकवादी 17वें रमजान (आज) और जंग-ए-बदर (इस्लामी इतिहास की पहली जंग) की वर्षगांठ के मौके पर हमले कर सकते हैं, ऐसे में सभी जरूरी ऐहतियाती कदम उठाए गए थे. वैद ने कहा, दो जवान गंभीर रूप से घायल हो गए, लेकिन उनकी हालत खतरे से बाहर है. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलवामा जिले के त्राल इलाके में आतंकियों ने सीआरपीएफ के एक शिविर पर ग्रेनेड फेंका जिसमें 10 जवान घायल हो गए. दूसरा हमला अनंतनाग जिले में हुआ जहां के अंचीदोरा इलाके में आतंकवादियों ने एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के आवास पर तैनात सुरक्षा बलों पर गोलीबारी की. इस घटना में दो जवान घायल हो गए.

पुलिस प्रमुख ने कहा कि आतंकवादियों ने वहां तैनात जवानों से चार राइफलें भी लूट लीं. तीसरा हमला पुलवामा के पदगामपोरा इलाके में सीआरपीएफ के शिविर पर हुआ, हालांकि इसमें कोई घायल नहीं हुआ. आतंकवादियों ने पुलवामा थाने पर एक ग्रेनेड फेंका, जिसमें एक पुलिसकर्मी को मामूली चोट आई. उत्तरी कश्मीर के सोपोर में आतंकवादियों ने एक और हमला किया, लेकिन इस हमले में कोई नुकसान नहीं पहुंचा.

इन हमलों को देखते हुए कश्मीर में सुरक्षाबल हाई अलर्ट पर हैं. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक- आतंकियों के कमांडर ने अपने कैडर को हैंड ग्रेनेड बांटे हैं, ताकि वह सीआरपीएफ, सेना और पुलिस के कैंप पर हमला कर सकें. पुलिस स्टेशन, एसओजी कैंप में और सुरक्षाबल तत्काल प्रभाव से तैनात कर दिए गए हैं. ऐसे ही उपाय सीआरपीएफ और सेना भी कश्मीर में कर रही है. बेवजह और बिना सुरक्षा के सेना और सीआरपीएफ के मूवमेंट को बचने की सलाह दी गई है. साथ ही ड्यूटी पर तैनात जवानों को अत्यधिक सर्तकता और चौकन्ना रहने को कहा गया है, क्योंकि आतंकी इन्हें निशाना बना सकते हैं.

आतंकियों के संभावित खतरे को देखते हुए सावधानी से हालात का जायजा तो लेना ही है साथ ही जवाबी कार्रवाई की भी योजना बनानी है ताकि किसी भी तरह के हमले को रोका जा सके. यह मामला काफी गंभीर और संवेदनशील है और इसी के मुताबिक- सुरक्षाबलों को कार्रवाई करने कहा गया है.

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