16 जून से पेट्रोल एवं डीजल की किल्लत होना तय

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लुधियाना।
सरकार ने देश में 15-16 जून की मध्यरात्रि से पेट्रोल एवं डीजल के दाम रोजाना आधार पर तय करने का एलान किया है। वहीं पेट्रोलियम डीलर को यह रास नहीं आ रहा है। इसके विरोध में पंजाब के पेट्रोलियम डीलर 15-16 जून की मध्यरात्रि से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगरे। इसके बाद प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की किल्लत होना तय है। पेट्रोलियम डीलरों का साफ कहना है कि इससे उनको रोजाना नुकसान होगा, इसकी भरपाई करना संभव नहीं है। ऐसे में सरकार का यह फरमान उनको मंजूर नहीं है।
उल्लेखनीय है सरकार ने पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर देश के पांच शहरों चंडीगढ़, जमशेदपुर, पाडुचेरी, उदयपुर एवं विशाखापट्टनम में चालीस दिनों के लिए दैनिक मूल्य परिवर्तन प्रणाली को शुरू किया था। अब इसे पूरे देश में 16 जून से लागू करने का प्रस्ताव है। उधर तेल कंपनियों ने सभी डीलरों को आश्वस्त किया है कि 15 जून की मध्य रात्रि के बाद अगले दिन का रेट देर शाम आठ बजे तक घोषित कर दिया जाएगा। इसकी सूचना एसएमएस, ई-मेल, मोबाइल एप, डीलर के वेब पोर्टल पर उपलब्ध करा दी जाएगी। ताकि रेट को लेकर उनको किसी भी तरह की दिक्कत न हो।
गौरतलब है कि पंजाब में कुल 3387 पेट्रोल पंप हैं। इनमें से 3218 पंप सरकारी तेल कंपनियों ने जुड़े हैं और बाकी निजी कंपनियों के। सूबे मेें रोजाना 30 लाख 91 हजार लीटर पेट्रोल एवं 110 लाख लीटर से अधिक डीजल की बिक्री होती है। नतीजतन सूबे में रोजाना करीब साठ करोड़ रुपये के डीजल एवं 21.74 करोड़ रुपये के पेट्रोल की बिक्री होती है। ऐसे में एक दिन की हड़ताल से प्रदेश में करीब 82 करोड़ के पेट्रो उत्पादों की बिक्री प्रभावित हो सकती है। साफ है कि इस पर सरकार को राजस्व का नुकसान भी होगा।
पंजाब पेट्रोलियम ट्रेडर्स एसोसिएशन की अंतरिम कमेटी के सदस्य मनजीत सिंह एवं नवनीत कुमार का कहना है कि 15-16 जून की मध्यरात्रि से सूबे के पेट्रोल पंप अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। उनका कहना है कि पेट्रोल पंपों को रोजाना रेट तय करने से अधिक नुकसान होगा। इसे सहन नहीं किया जा सकता। डीलरों की मांग है कि उनको रोजाना के उतार चढ़ाव से मुक्त किया जाए। पंपों के स्टॉक को भी तेल कंपनियां अपने अधिकार में लें और बिक्री के हिसाब से उनको कमीशन दिया जाए। अन्यथा रोजाना दाम परिवर्तित करने वाली नीति पर चलना असंभव होगा।

उद्यमी एवं किसान हड़ताल को लेकर चिंतित
उधर पेट्रोल पंपों की हड़ताल को लेकर उद्यमी एवं किसान चिंतित हैं। उनका कहना है कि इससे फैक्ट्रियों एवं खेतों में कामकाज प्रभावित होगा। चैंबर ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कामर्शियल अंडरटेकिंग्स के प्रधान अवतार सिंह कहते हैं कि पेट्रोल पंप मालिकों से बातचीत करके बीच का रास्ता निकाला जाए। भारतीय किसान यूनियन (एकता) के महासचिव सुखदेव सिंह ने कहा कि धान की बीजाई का सीजन शुरू हो चुका है। ऐसे में पेट्रोल पंप मालिकों की हड़ताल का विपरीत असर होगा।

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