आरकॉम से सैलरी नहीं लेंगे अनिल अंबानी

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रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी ने मार्च 2018 में खत्म होने वाले वित्त वर्ष में रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) से कोई सैलरी नहीं लेने का ऐलान किया है। दरअसल, कंपनी की आमदनी और कैश फ्लो में भारी गिरावट आई है और उसे कर्ज चुकाने में दिक्कत हो रही है। वहीं, आरकॉम की टॉप मैनेजमेंट टीम ने दिसंबर 2017 तक मंथली सैलरी 21 दिन की देरी से लेने का फैसला किया है। देश की चौथी बड़ी टेलीकॉम कंपनी ने बुधवार को एक स्टेटमेंट में यह जानकारी दी। इसमें कहा गया कि यह फैसला ‘प्रमोटर्स के स्ट्रैटेजिक ट्रांसफॉर्मेशन प्रोग्राम’ का हिस्सा है, जिसमें टेलीकॉम कंपनी की एसेट्स बेचकर कर्ज चुकाने के लिए फंड जुटाया जाना है। इस साल मार्च अंत तक आरकॉम पर 45,000 करोड़ रुपये का कर्ज था।

हाल ही में कई रेटिंग एजेंसियों ने आरकॉम की रेटिंग घटा दी थी। कंपनी को वित्त वर्ष 2017 में पहली बार घाटा हुआ और इन वजहों से उसके स्टॉक प्राइस में भी काफी गिरावट आई। इन सबके बाद सैलरी को लेकर प्रमोटर्स और टॉप मैनेजमेंट टीम की तरफ से यह पहल हुई है। आरकॉम के शेयर बुधवार को 1.4 पर्सेंट चढ़कर 18.30 रुपये पर बंद हुए। एक दिन पहले स्टॉक प्राइस रिकॉर्ड लो लेवल पर पहुंच गया था। इस मामले से वाकिफ एक सूत्र ने बताया, ‘यह कदम कंपनी का कैश फ्लो सुधारने के लिए उठाया गया है।’

फिच रेटिंग्स ने हाल ही में कहा था कि मार्च 2017 के अंत तक आरकॉम के पास बहुत कम कैश था। उसके मुताबिक, कंपनी के पास तकरीबन 1,400 करोड़ रुपये का कैश था, जो शॉर्ट टर्म कर्ज चुकाने के लिए भी अपर्याप्त था। उसने बताया था कि आरकॉम का ऑपरेटिंग प्रॉपिट 30 पर्सेंट घटकर वित्त वर्ष 2017 के अंत में 4900 करोड़ रुपये रह गया था, जो वित्त वर्ष 2016 के अंत में 7100 करोड़ रुपये था। फिच ने कहा ता कि वित्त वर्ष 2018 में कंपनी को 3500 करोड़ रुपये का सालाना ब्याज और 1500 करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडिचर करना है। इस लिहाज से वित्त वर्ष 2017 का प्रॉफिट काफी कम है।

वहीं, इकनॉमिक टाइम्स ने पहले खबर दी थी कि टेलीकॉम कंपनी 10 बैंकों को वक्त पर कर्ज की किस्त नहीं दे पाई है। उसके बाद कंपनी को बैंकों की तरफ से दिसंबर तक कर्ज पेमेंट के मामले में सात महीने की मोहलत मिली। ज्वाइंट लेंडर्स फोरम (जेएलएफ) ने कहा है कि इन सात महीनों के दौरान आरकॉम को ना ही लोन चुकाना होगा और ना ही इस दौरान उस पर कोई ब्याज लगाया जाएगा। वहीं, आरकॉम कह चुकी है कि एयरसेल और ब्रुकफील्ड के साथ उसकी प्रस्तावित डील 30 सितंबर तक पूरी हो सकती है। इन डील्स के पूरा होने के बाद आरकॉम के कर्ज में 60 पर्सेंट यानी 25,000 करोड़ रुपये की कमी आ जाएगी।

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