बुरहान और सबजार के बाद सुरक्षाबलों ने लश्कर कमांडर जुनैद मट्टू को भी ढेर किया

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बुरहान वानी और सबजार को मार गिराने के बाद सुरक्षाबलों ने शुक्रवार को बड़ी कामयाबी हासिल की। जवानों ने लश्कर कमांडर जुनैद मट्टू सहित दो आतंकवादियों को ढेर कर दिया है। इस ऑपरेशन को भारतीय सेना, एसओजी और सीआरपीएफ मिलकर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है। इससे पहले जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले के अरवनी गांव में जम्मू कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबल के जवानों की आतंकियों के साथ भारी मुठभेड़ हुई। इस दौरान सुरक्षाबलों ने लश्कर के टॉप कमांडर जुनैद मट्टू को घेर लिया था। पुलिस को पता चला था कि जिस बिल्डिंग को घेरा गया है उसमें कम से कम तीन आतंकी छिपे हैं जिनमें से एक जुनैद मट्टू के होने का शक है। इससे पहले गुरूवार को दो अलग-अलग आतंकी हमलों में दो पुलिसकर्मी शहीद भी हुए थे। शहीद हुए पुलिसकर्मियों का नाम सज्जाद और शबीर अहमद डार था। शबीर अहमद डार छुट्टियों में अपने घर आए हुए थे जहां उन्हें आतंकियों ने गोली मार दी। जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।
पांच लाख का ईनामी था मट्टू
30 मई को भारतीय सेना के द्वारा जारी की गई 12 मोस्ट वांटेड आतंकियों की लिस्ट में जुनैद मट्टू का नाम शामिल था और उसके ऊपर 5 लाख का ईनाम भी रखा गया था। उसको ए क्लास के आतंकी की श्रेणी में रखा गया था। यह आतंकियों की दूसरे नंबर की उच्चतम रैंकिंग है। इसकी सबसे बड़ी रैंकिंग ए++ है। ऐसा माना जाता है कि मट्टू ने जून 2015 में आतंकी संगठन को ज्वाइन किया था। हालांकि कई सूत्र बताते हैं कि वह 2014 से आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा है। उसने स्थानीय पुलिस पर तीन हमले किए थे। उसने पहला अटैक पिछले साल जून में किया था। इस दौरान उसने एक आतंकी के साथ मिलकर दो पुलिस वालों की हत्या कर दी थी। दूसरा हमला उसने जून में बीएसएफ सैनिकों को ले जा रही बस पर किया था। इस हमले में तीन जवान शहीद हो गए थे। तीसरी वारदात में उसने गुरुवार को की जिसमें एक पुलिस वाला शहीद हो गया था। पिछले साल दिसबर में सुरक्षाबलों के हाथों कुलगाम लश्कर का चीफ माजिद जरगर मारा गया था। उसी की जगह पर मट्टू नया चीफ बना था। मट्टू जब कॉलेज में था तभी उसने आतंकवाद की ओर अपने कदम बढ़ा दिए थे। वह कुलगाम जिले के खुदवानी गांव का है।

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