अब डीजल-पेट्रोल की होम डिलिवरी की व्यवस्था करने जा रही है सरकार

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नई दिल्ली
सरकार ने शुक्रवार से रोजाना पेट्रोल और डीजल के मूल्यों की समीक्षा शुरू कर दी। अब सरकार का अगला कदम लोगों को पेट्रोल और डीजल की होम डिलिवरी सुविधा उपलब्ध कराने का है। इसके साथ सरकार यह भी चाहती है कि अगर रास्ते में किसी की गाड़ी का ईंधन खत्म हो जाए तो उसे एक फोन पर पेट्रोल और डीजल उपलब्ध कराया जाए। बेशक इन सबके लिए डिलिवरी चार्ज लिया जाएगा। इस योजना को लागू करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय में काम शुरू हो गया है। योजना का मॉडल कैसा होगा, इस पर ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। मुमकिन है कि तीन से चार महीने में इसका औपचारिक ऐलान कर दिया जाए। यह सुविधा 24 घंटे दी जाएगी। पेट्रोलियम मंत्रालय के उच्चाधिकारियों का कहना कि इस योजना को लागू करने से पेट्रोलियम सेक्टर में रेवेन्यू बढ़ेगा और नौकरियां भी क्रिएट होंगी।

दो मॉडलों पर विचार
इस योजना को शुरू करने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय दो मॉडलों पर विचार कर रहा है। पहला मॉडल है कि इसे पेट्रोल पंप डीलर्स के जरिए कराया जाए। दूसरा मॉडल है कि इसमें प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों को शामिल किया जाए। प्राइवेट कंपनियों को तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की सप्लाई करेंगी। इसके बाद डिलिवरी का काम प्राइवेट कंपनियां पर छोड़ दिया जाएगा। डिलीवरी चार्ज किलोमीटर के हिसाब से तय होगा। मगर इसके लिए वेयर हाउस का होना जरूरी है। साथ ही डिलिवरी का जिम्मा एरिया के हिसाब से देना होगा। इसके लिए पूरी प्लानिंग की जरूरत है। सबसे अहम है कि डिलिवरी चार्ज भी सहमति के साथ तय किया जाएगा।पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार पेट्रोल और डीजल की होम डिलीवरी में कोई धोखाधड़ी न हो, इसके लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। जो भी तेल की होम डिलीवरी करने आएगा, उसके पास एक मशीन होगी, जिससे पेट्रोल-डीजल की शुद्धता और मात्रा चेक होगी। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एनबीटी से बातचीत में कहा कि हम पेट्रोलियम सेक्टर में उत्पादन बढ़ाने के साथ सर्विसेज की क्वॉलिटी भी बढ़ाना चाहते हैं। इसके लिए हमारे प्रयास जारी रहेंगे।

सुविधा और नौकरियां बढ़ेंगी
डिलिवरी फ्यूल के संस्थापक और सीईओ विश्वदीप नागी का कहना है कि इससे लोगों की सुविधा के साथ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल हर कोई करता है। देश के कोने-कोने में आपको इसके लिए डीलर्स नियुक्त करने होंगे। डिलिवरी के लिए मैनपावर भी चाहिए। ऐसे में भारत में एक नए सेक्टर में जॉब क्रिएशन होगा।

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