आम सहमति बनाना केंद्र का कर्तव्य: नीतीश

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पटना । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार के नाम की घोषणा जल्द करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर सर्वानुमति बनाना केंद्र सरकार का कर्तव्य है। लेकिन अभी तक उनकी तरपफ से उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की गई है। इस बारे में उन्हें सबसे बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अबतक केंद्र सरकार ने इसके लिए प्रत्याशी का नाम रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए मेरे पास अरुण जेटली का पफोन आया था लेकिन उन्होंने नाम नहीं बताया। नीतीश कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव पर कहा कि कौन किससे मिल रहा?क्या कह रहा?ये बड़ी बात नहीं, बल्कि किसके नाम पर मुहर लगती है ये बड़ी बात है। राष्ट्रपति चुनाव को लेकर नाम पर आम सहमति बनती है और इसीलिए सत्ता पक्ष को सबसे पहले नाम पर आम सहमति बनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सत्तापक्ष आम सहमति नहीं बना सकता तो विपक्ष 22 जून को अपने उम्मीदवार का नाम तय करेगा। अन्य राज्यों की तुलना में बिहार में अपराध का ग्राफ काफी नीचे: सीएम ने कहा कि अपराध और लॉ एण्ड ऑर्डर के मामले में बिहार अन्य प्रगतिशील राज्यों की तुलना में काफी पीछे है। लेकिन अपने ही लोग बिहार को बदनाम करने की साजिश करते है। छोटी सी घटना को भी मीडिया द्वारा बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया जाता है। नीतीश ने पत्रकारों की जमकर खिंचाई की और कहा कि आपलोग बिहार की छवि को किस तरह पेश कर रहे हैं? क्या प्रगतिशील राज्यों में अपराध नहीं हो रहे। अपराध के मामले में बिहार काफी पीछे है, कानून व्यवस्था की स्थिति किसी भी राज्य से कम नहीं, क्या दिल्ली के बारे में ऐसा कहा जाता है, जैसा बिहार के बारे में दुष्प्रचार किया जाता है? नीतीश ने कहा कि बिहार की महिलाएं जागरूक हैं, अपनी सुरक्षा और उत्तरदायित्व को लेकर किसी भी राज्य की महिलाओं से आगे हैं। लेकिन इसका तो कोई प्रचार नहीं करता।
सीएम ने योग को लेकर राजनीति नहीं करने की बात कही और कहा कि हम प्रचार-प्रसार में विश्वास नहीं करते और दिखावापन से दूर रहते हैं। मैं योगा का पक्षधर हूं, खुद योगाभ्यास करता हूं, लेकिन इसे लेकर ढोल नहीं पीटता और किसी को भी जबर्दस्ती कुछ करने की सलाह भी नहीं देता। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि योगा के लिए दुनिया में कहीं और जाने की क्या जरूरत है, जबकि यहां मुंगेर में योग प्रशिक्षण का विश्वस्तरीय स्थान मौजूद है। मेरा मानना है कि योग को लेकर वोट की राजनीति नहीं करनी चाहिए।
उन्होंने योगी आदित्यनाथ के उस बयान पर भी कटाक्ष किया जिसमें उन्होंने कहा कि बिहार को गोद लेंगे। नीतीश ने कहा कि बिहार अनाथ है क्या?जो कोई उसे गोद लेगा। नीतीश ने कहा कि अगर योगी मोदी के नाम्नी हैं तो यहां आकर शराबबंदी पर बोलें। प्रधानमंत्री तो यहां आकर शराबबंदी की तारीफ कर चुके हैं। तीन तलाक पर सवाल पूछ जाने पर कहा कि यह तो सुप्रीम कोर्ट का मामला है। इसमें किसी का कुछ बोलना ठीक नहीं है। शराब बंदी पर नीतीश ने कहा कि शराबबंदी एक बहुत बड़ा सामाजिक बदलाव लेकर आया है। इसके बाद बिहार में अपराध में कमी आई है। महिलाएं खुश हैं। महिलाओं के लिए बिहार में जितना काम किया गया है। अन्य राज्य काफी पीछे है।

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