राष्ट्रपति चुनाव : जदयू ने कोविंद को दिया समर्थन, आज दिल्ली में होनेवाली बैठक में जदयू नहीं होगा शामिल

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पटना : राष्ट्रपति चुनाव को लेकर जदयू ने अपना पत्ता खोल दिया है. बुधवार को जदयू ने एलान किया कि वह राष्ट्रपति पद के लिए एनडीए के उम्मीदवार बनाये गये बिहार के पूर्व राज्यपाल रामनाथ कोविंद को अपना समर्थन देगा. इससे पहले जदयू की कोर कमेटी की पटना में कई दौर की बैठक हुई.

पार्टी अध्यक्ष व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सरकारी आवास 1, अणे मार्ग पर चली बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों और विधायकों से बारी-बारी से कोविंद के समर्थन के सवाल पर रायशुमारी की. दोपहर में दूसरी बार कोर कमेटी की हुई बैठक के बाद पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी, सांसद आरसीपी सिंह और नीतीश सरकार में मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने संयुक्त तौर पर रामनाथ कोविंद को जदयू के समर्थन की औपचारिक घोषणा कर दी.

तीनों नेताओं ने कोविंद को समर्थन देने की घोषणा के साथ ही कहा कि गुरुवार को नयी दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में होने वाली विपक्षी दलों की बैठक में जदयू भाग नहीं लेगा. जदयू नेताओं ने कहा कि मंगलवार को पटना आये कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बात की थी और उन्हें अपने स्टैंड के बारे में बताया था. लेकिन, कांग्रेस जदयू के इस प्रस्ताव से सहमत नहीं दिखी. ऐसे में कांग्रेस की पहल पर हो रही विपक्षी नेताओं की बैठक में जदयू के जाने का औचित्य नहीं है.

महागठबंधन में दरार के सवाल पर त्यागी, आरसीपी सिंह और ललन सिंह ने कहा कि तीनोें दलों में कोई मनमुटाव नहीं है. मुख्यमंत्री ने अपनी भावना से पहले ही सोनिया गांधी और लालू प्रसाद को अवगत करा दिया था. तीनों नेताओं ने कहा कि राज्यपाल के रूप में रामनाथ कोविंद ने बेहतर काम किया है.

आम तौर पर राजभवन में षड्यंत्र होते रहे हैं, लेकिन यहां ऐसा नहीं हुआ. राज्यपाल के मन में सरकार के प्रति दूराव और मनमुटाव नहीं रहा. मुख्यमंत्री ने पार्टी के सभी नेताओं से बातचीत की है. सबने राज्यपाल के रूप में रामनाथ कोविंद के कार्यकाल को बेहतर माना है. सभी ने समर्थन की बात कही.

इसके पहले दोपहर में पहले दौर की बैठक के बाद 1, अणे मार्ग से बाहर आये पार्टी के सचेतक रत्नेश सदा ने कहा कि उनका दल कोविंद को अपना समर्थन देगा. सांसदों और विधायकों के साथ बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री ने सबकी राय मांगी और सरकार और राजभवन के बीच रिश्ते की भी चर्चा की. मुख्यमंत्री आवास पर जदयू कोर कमेटी की दूसरी बार हुई बैठक में पार्टी नेता शरद यादव, केसी त्यागी भी शामिल हुए.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दो दिन पूर्व ही रामनाथ कोविंद के उम्मीदवार घोषित किये जाने पर प्रसन्नता जाहिर की थी. वे खुद राजभवन जाकर दिल्ली रवाना हो रहे रामनाथ कोविंद से शिष्टाचारवश मुलाकात की. मुलाकात के बाद बाहर आकर उन्होंने कहा कि मैंने अपनी फीलिंग सोनिया गांधी और लालू प्रसाद को बता दी है. उन्होंने यह भी कहा था कि हमारे बिहार के राज्यपाल देश के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हुए हैं, इससे उन्हें प्रसन्नता हुई है.

इस कदम के मायने : नीतीश के इस कदम से 2019 के आम चुनाव के लिए हो रही विपक्षी एकता की कोशिश में बिखराव भी माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने नीतीश कुमार को राष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी गठबंधन में रखने की पूरी कोशिश की. दूसरी ओर नीतीश ने अपनी मजबूरी बताते हुए कोविंद को सहयोग देने की बात कही. नीतीश कुमार ने कांग्रेस को भरोसा दिलाया कि वह विपक्ष के साथ बने रहेंगे. मंगलवार को उनकी इस मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद से लंबी बात भी हुई थी.

रामनाथ कोविंद की तारीफ की, कहा- बेहतर राज्यपाल के रूप में किया काम

एआइडीएमके का भी साथ, एनडीए के पास 60% वोट!

तमिलनाडु के सीएम पलानीसामी ने भी कोविंद को अन्नाद्रमुक के समर्थन का एलान किया है. एनडीए के पास अब 60% से ज्यादा वोट हैं.
एनडीए में रहते प्रणब का किया था समर्थन: जदयू का कहना है कि कोविंद को समर्थन राष्ट्रपति चुनाव भर का मामला है. 2012 में एनडीए में रहते हुए भी यूपीए उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी का समर्थन किया था.

समर्थन की दो वजह!

रामनाथ कोिवंद ने बतौर राज्यपाल नीतीश सरकार के लिए एक बार भी मुश्किल पैदा नहीं की. शराबबंदी पर बने सख्त कानून पर विपक्ष की घेरेबंदी के बावजूद राज्यपाल ने इस पर अपनी सहमति दी थी.

जदयू ऐसा संदेश नहीं देना चाहता है कि वह दलितों के खिलाफ है. नीतीश कुमार की महादलित वोटों पर जबरदस्त पकड़ है. नीतीश कुमार, कोविंद का विरोध कर अपने वोटरों को गलत संदेश नहीं देना चाहते हैं.

कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों की बैठक आज

कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी पार्टियां गुरुवार को बैठक करेंगी, जिसमें उम्मीदवारी की घोषणा हो सकती है. खबर है कि तमिलनाडु की डीएमके भी असमंजस में है और कोविंद को समर्थन देने पर विचार कर सकती है.

वाम की पसंद प्रकाश मीरा मिलीं सोनिया से

विपक्ष गुरुवार की बैठक में प्रत्याशी उतारने पर विचार करेगा. वाम की पसंद बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर के पोते और पूर्व सांसद प्रकाश आंबेडकर हैं. इस बारे में माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कांग्रेस और गैर-राजग पार्टियों से विचार-विमर्श किया. उधर, बुधवार को पूर्व स्पीकर मीरा कुमार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की.

लालू बोले, वही करेंगे, जो आज बैठक में तय होगा

पटना : राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी पर जदयू से इतर राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद ने कहा कि वे ‘महागठबंधन’ के फैसले के साथ पूरी तरह खड़े हैं. उन्होंने बुधवार को रांची रवानगी से पहले पटना में कहा कि 22 जून को दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में होने वाली विपक्ष की बैठक में जो फैसला होगा, उसका वे सम्मान करेंगे. वहीं, राजद विधायक भाई वीरेंद्र ने जदयू के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया.

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