कोविंद के नामांकन के दौरान NDA ने किया शक्ति प्रदर्शन

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NEW DELHI, JUNE 23 (UNI):- NDA Presidential candidate Ramnath Kobind with senior BJP leaders L K Advani, MM Joshi, Prime Minister Narendra Modi, BJP National President Amit Shah Andhra Pradesh Chief Minister Chandrababu Naidu, Tamil Nadu Chief Minister Edappadi K Palaniswami and others join hands on their way to file the nomination for the Presidential election in New Delhi on Friday. UNI PHOTO-13u


राष्ट्रपति चुनाव में एनडीए की ओर से चुने गए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद आज अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। उनके साथ पीएम मोदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी भी संसद भवन में मौजूद थे। रामनाथ कोविंद एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार के रूप में दोपहर 11:45 संसद भवन में नामांकन पत्र दाखिल किया। गौरतलब है कि 17 जुलाई को राष्ट्रपति पद का चुनाव होना है। चुनाव में एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद की जीत पक्की मानी जा रही है। भाजपा में कई बड़े पदों पर रहे रामनाथ कोविंद की गिनती लो प्रोफाइल चेहरों के रूप में होती रही है जो चुपचाप पर्दे के पीछे रहकर तन्मयता से अपना काम करते रहे। लेकिन एकाएक राष्ट्रपति पद के लिए उनका नाम सामने आने से अब उनको लेकर तमाम सवाल और जिज्ञासाएं खड़ी हो गई हैं। राष्ट्रपति चुनाव में जदयू के झटके के बाद कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष ने राजग उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के खिलाफ पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को उतारने की घोषणा की है। इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति पद के लिए दलित बनाम दलित में मुकाबला होगा। वहीं विपक्ष ने मीरा कुमार के जरिए पाला बदल कर राजग उम्मीदवार के पक्ष में आने वाले जदयू के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी है, वहीं दलित उम्मीदवार की शर्त रखने वाली बसपा प्रमुख मायावती की इच्छा भी पूरी कर दी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अगुवाई में कल 17 दलों की बैठक के दौरान तीन नामों पर चर्चा हुई। एनसीपी नेता शरद पवार ने मीरा कुमार के अलावा पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और राज्यसभा सांसद बालचंद्र मंगेकर के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसमें मीरा कुमार पर आमराय बन गई।
मौजूदा चुनाव का गणित-
मौजूदा चुनाव में कुल 4120 विधायक और लोकसभा-राज्यसभा के 776 सांसद वोट डालेंगे।
-फिलहाल केंद्र में सत्तारूढ़ एनडीए के सांसद और विधायकों के हिसाब से कुल 532019 वोट हैं।
-जीत के लिए उसे कुल 549442 वोटों की जरूरत है यानि उसके पास 17423 वोट कम हैं।
-हालांकि मोटा मोटी ये संख्या 20 से 25 हजार तक भी हो सकती है
-एनडीए के इस आंकड़े में फिलहाल शिवसेना के सांसदों और विधायकों का वोट भी शामिल है
-अगर शिवसेना भाजपा को समर्थन नहीं करती है तो उसके लिए मुश्किल खड़ी हो जाएगी, उस कड़ी में उसे 50 हजार तक वोटों का जुगाड़ करना होगा।
-शिवसेना के 63 विधायक हैं और महाराष्ट्र विधानसभा में एक विधायक का मत है 175, यानि शिवसेना विधायकों के कुल मतों का जोड़ हुआ 11025 वोट।
-संसद में शिवसेना के पास राज्यसभा और लोकसभा मिलाकर कुल 21 सांसद हैं, एक सांसद के वोट का मूल्य है 708, यानि कुल मतों का जोड़ हुआ 14868 वोट। कुल जमा शिवसेना के पास फिलहाल 25893 वोट सुरक्षित हैं। और भाजपा कभी नहीं चाहेगी कि ये वोट उसके पाले से छिटककर विपक्ष के खेमे में जाएं।

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