सुप्रीम कोर्ट के आदेश लागू करने के लिए कमिटी गठित करेगा बीसीसीआई

0
663

लोढ़ा पैनल की सिफारिशों को लागू करने में आगे भी देरी होने की संभावना है। बीसीसीआई ने यह तय करने के लिए एक समिति गठित करने का फैसला किया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर किस तरह से ‘सर्वश्रेष्ठ तरीके से और जल्दी’ से अमल किया जा सकता है। विशेष आम सभा (एसजीएम) की दो घंटे 45 मिनट तक चली लंबी बैठक में कोई अंतिम फैसला नहीं किया जा सका, जैसा कि प्रशासकों की समिति ने रविवार को राज्य इकाइयों के साथ बैठक के दौरान आग्रह किया था। बैठक में बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और विवादों के घेरे में रहे एन श्रीनिवासन भी उपस्थित थे। बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, ‘आज हमने 8 सूत्री एजेंडे पर एसजीएम की जिसमें मुख्य एजेंडा उच्चतम न्यायालय के 18 जुलाई (2016) के आदेश को लागू करना था। इस पर लंबी चर्चा हुई और कार्यान्वयन की प्रक्रिया को पूरा करने की दृष्टि से एक समिति गठित करने का फैसला किया गया जो यह पता करेगी कि इन्हें कैसे सर्वश्रेष्ठ तरीके से और जल्दी लागू किया जा सके।’ उन्होंने कहा, ‘इसका गठन कल किया जाएगा और उसे एक पखवाडे़ के अंदर अपनी पहली सिफारिश दे दी जानी चाहिए। इसे पदाधिकारियों और आम सभा के 5-6 सदस्यों पर छोड़ दिया गया है।’ चौधरी ने कहा कि समिति अगले दो दिन में काम करना शुरू कर देगी। जो प्रमुख मुद्दे हैं उनमें एक राज्य एक मत, 70 साल की उम्र की सीमा, प्रत्येक 3 साल के बाद ‘कूलिंग ऑफ पीरियड’ यानी कोई पद नहीं संभालना और वर्तमान के तीन के बजाए फिर से 5 सदस्यीय चयन पैनल गठित करना शामिल हैं। चौधरी ने कहा, ‘समिति मुख्य फैसले में जरूरी बिंदुओं में से प्रत्येक पर गौर करेगी। अदालत का आदेश लागू करना होगा। अगर बैठक ढाई घंटे तक चली, तो इसमें एजेंडे के पहले विषय पर ही एक घंटा लग गया। किसी तरह का मतदान नहीं हुआ और इसे (पैनल) गठित करने का फैसला सर्वसम्मति से किया गया। समिति दो दिन में काम करना शुरू कर देगी।
चौधरी से पूछा गया कि श्रीनिवासन कैसे एसजीएम में भाग ले सकते हैं जबकि इसको लेकर बोर्ड पहले उच्चतम न्यायालय के सामने परेशानी में पड़ चुका है? उन्होंने कहा कि यह बीसीसीआई की मान्यता प्राप्त इकाई तय करेगी कि एसजीएम में उनका प्रतिनिधित्व कौन करेगा। उन्होंने कहा, ‘बैठक के नोटिस में बीसीसीआई के सभी सदस्य इकाइयों से बैठक में भाग लेने का आग्रह किया गया था। अगर कोई व्यक्ति अदालत के आदेशों का उल्लंघन नहीं करता तो यह इकाई पर निर्भर करता है कि वह किस व्यक्ति का चयन करती है।’
अन्य मसलों जैसे पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय सीरीज के बारे में चौधरी ने फिर से बीसीसीआई का रवैया स्पष्ट किया कि वह सरकार से अनुमति मिलने पर ही अपने इस चिर प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ खेलेंगे। चौधरी ने कहा, ‘बीसीसीआई ने 2014 में जिस पत्र पर हस्ताक्षर किए थे उस आधार पर हमने पीसीबी अधिकारियों से मुलाकात की। यह जरूरी था। हमारी स्थिति अब भी पहले जैसी ही है। सरकार से अनुमति मिलने पर ही दौरा हो सकता है।’
राजस्थान क्रिकेट संघ के निलंबन आदेश को रद्द करने के संबंध में चौधरी ने कहा, ‘हमने उनसे (आरसीए) से कारण बताओ नोटिस का औपचारिक जवाब देने के लिए कहा है और उन्होंने भी बीसीसीआई के खिलाफ मामला वापस लेने का फैसला किया है।’ आरसीए के नए अध्यक्ष कांग्रेस के सीपी जोशी हैं। चौधरी ने इसके साथ ही सूचित किया कि गुवाहाटी में नव निर्मित स्टेडियम में जल्द ही अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘असम क्रिकेट संघ का स्टेडियम कुछ चीजों को छोड़कर मैचों के आयोजन के लिए तैयार है। बीसीसीआई सचिव और महाप्रबंधक (खेल विकास) ने उसका निरीक्षण किया था।’

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here