आईएस ने पार की क्रूरता की सारी हदें, भूखी महिला को खिला दिया उसी के बेटे का मांस

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नई दिल्ली: दुनिया के सबसे खूंखार आतंकी संगठन इस्‍लामिक स्‍टेट (ISIS) ने इस बार क्रूरता की हदें पार दी है. आईएस के आतंकियों ने एक यजीदी महिला के साथ ऐसा काम किया है जो इंसानियत को शर्मसार करने वाली है. डेली एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक आतंकियों ने यजीदी महिला के बच्चे की हत्या कर दी और उसे पकाकर उसे ही खिला दिया. आईएस के इस क्रूरता का खुलासा इराक की महिला सांसद वियान दाखिल ने किया है. Insiya Marvi के यूट्यूब पेज पर 27 जून को अपलोड किए गए वीडियो में महिला सांसद वियान आईएस के क्रूरता की कहानी बता रही हैं. यह वीडियो मिस्र के न्यूज चैनल एक्सट्रा न्यूज को दिए गए इंटरव्यू का है.

वीडियो में वियान कह रही हैं कि आईएस के आतंकियों ने यजीदी महिला को उसके एक साल के बेटे के साथ बंधक बना लिया था. आतंकियों ने महिला को कैदखाने में बंद कर दिया और उसके बच्चे को छीनकर ले गए थे. महिला को आतंकियों ने तीन-चार दिन तक कुछ खाने को नहीं दिया. महिला भूख के मारे तड़प रही थी, तभी एक दिन एक प्लेट में मीट और चावल उसके सामने रख दिया गया.

भूखी महिला ने फटाफट से मीट और चावल खाने लगी. जब वह लगभग प्लेट का सारा चावल और मीट खा चुकी थी, तभी आईएस के एक आतंकी ने उसे बताया कि हमने तुम्हारे एक साल के बेटे की हत्या कर उसी को पका दिया था. तुम अपने ही बेटे का मांस खा गई. यह बात सुनते ही महिला स्तब्ध रह गई. इस हृदय विदारक घटना को बयां करते हुए इराकी महिला सांसद रोती दिख रही हैं

यजीदी धर्म में कई दूसरे धर्मों के क्रियाकलापों को समाहित कर दिया गया है. इसमें इस्लाम, ईसाइयत और कुछ दूसरे धर्मों के मिले जुले नियम हैं. यजीदी एक ईश्वर में विश्वास करते हैं और मानते हैं कि उसके सात फरिश्ते दुनिया में उनकी मदद करते हैं. मोर के रूप में मलिक ताउस उनमें सबसे अहम है. यजीदी धर्म के अनुयायी दिन में पांच बार सूर्य की तरफ मुंह करके पूजा करते हैं. दोपहर की पूजा लालिश पहाड़ियों की तरफ मुंह करके की जाती है, जहां उनका पवित्र मजार है. यह जगह उसी का प्रतीक है.

दुनिया भर में करीब 8 लाख यजीदी हैं, जिनमें से ज्यादातर निनेवेह प्रांत में पहाड़ियों के पास रहते हैं. कुर्द भाषा बोलने वाले यजीदियों को 1990 के बाद से सीरिया और तुर्की जैसे देशों से भागना पड़ा. उनमें से कई ने अब यूरोप में पनाह ली है. आईएस पूरी तरीके से मुस्लिम आतंकी संगठन है, इसलिए ये लोग यजीदी को मुसलमान मानने से मना करते हैं. शायद यही वजह है कि आईएएस के लोग यजीदियों से नफरत करते हैं.

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