जस्टिस कर्णन को नहीं मिली राहत, जमानत अर्जी पर सुनवाई से SC का इनकार

0
235

सुप्रीम कोर्ट ने कोलकाता हाई कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस सीएस कर्णन की जमानत अर्जी पर सुनवाई से इनकार कर दिया। कर्णन की ओर से जमानत की मांग की गई थी, साथ ही सुप्रीम कोर्ट के 7 जजों की बेंच के आदेश को वापस लेने की मांग की गई है। कर्णन को 20 जून को सुप्रीम कोर्ट के आदेश से गिरफ्तार किया गया था और जेल भेजा गया था। सुप्रीम कोर्ट ने कंटेप्ट ऑफ कोर्ट में कर्णन को 6 महीने कैद की सजा सुनाई थी। कर्णन की ओर से अर्जी दाखिल कर कहा गया कि जमानत अर्जी पर तुरंत सुनवाई की जाए और उन्हें दोषी करार दिए जाने के फैसले को खारिज किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम इस तरह कोई मौखिक आग्रह स्वीकार नहीं करेंगे। इस मामले में फिलहाल किसी अंतरिम आदेश की जरूरत नहीं है। 21 जून को सुप्रीम कोर्ट ने कर्णन को राहत देने से इनकार कर दिया था। गिरफ्तारी के एक दिन बाद सुप्रीम कोर्ट के सामने अर्जी दाखिल कर जस्टिस कर्णन ने सजा सस्पेंड करने और अंतरिम जमानत देने की गुहार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट की वकेशन बेंच ने कहा कि इस मामले में 7 जजों की बेंच ने सजा सुनाई है, ऐसे में डबल बेंच मामले को नहीं सुन सकती है। ऐसे में आप छुट्टियों के बाद इस मामले को संबंधित बेंच के सामने उठाएं। छुट्टियों के बाद सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जेएस खेहर की अगुवाई वाली बेंच के सामने सोमवार को मामला उठाया गया लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस कर्णन ने अदालत की अवमानना के मामले में छह महीने कैद की सजा सुनाई थी। जिसके बाद कर्णन पुलिस गिरफ्त से बाहर हो गए थे। उन्हें 20 जून को गिरफ्तार किया गया था। इससे पहले वह 12 जून को रिटायर भी हो गए थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here