कांग्रेस ने कहा- नीतीश कुमार हैं हमारे साथ

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कांग्रेस के महासचिव गुलाम नबी आजाद ने कहा कि बिहार के सीएम और महागठबंधन के नेता नीतीश कुमार हमारे साथ है। हमारे बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि नीतीश कुमार का कहना सही है कि हमने राष्‍ट्रपति चुनाव में अपने उम्मीदवार घोषित करने में देर की है। हमसे यह गलती हुई है। इसलिए हमने यह तय किया है कि उपराष्‍ट्रप‍ति उम्‍मीदवार के मद्दे पर समय रहते फैसला लिया जायेगा। हमें उम्‍मीद है कि सीएम नीतीश हमारे साथ जरूर साथ होंगे। सब मिलकर उम्‍मीदवार का चयन किया जायेगा।

बता दें कि इससे पहले सीएम नीतीश ने पटना में राज्य कार्यकारिणी के सदस्यों को संबोधित करते हुए कांग्रेस से साफ शब्दों में कहा था कि कि वे किसी के पिछलग्गू नहीं हैं। वे सहयोगी हैं और सहयोगी की तरह रहेंगे।खुशामद करना उनकी फितरत में शामिल नहीं है।

नीतीश कुमार की नाराजगी कांग्रेस के महासचिव गुलाम नबी आजाद के उस बयान को लेकर है जिसमें उन्‍होंने कहा था कि नीतीश एक विचारधारा नहीं, बल्कि कई विचार धारा के नेता हैं। आजाद का यह बयान राष्ट्रपति चुनाव को लेकर दिया गया था।

कांग्रेस पर सीधा हमला करते हुए नीतीश ने कहा कि सिद्धांत पर आप बदलते रहते हैं। स्वर्गीय राममनोहर लोहिया कहा करते थे कि कांग्रेस सरकारी गांधीवादी हैं। हम सिद्धांतों से समझौता नहीं करते।

राष्ट्रपति चुनाव की चर्चा करते हुए नीतीश ने कहा कि दिल्ली में सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गई बैठक के पहले गुलाम नबी आजाद के पटना में बयान कि कोविंद का विरोध किया जाएगा, के बाद उस बैठक में जाने का कोई औचित्य नहीं रह गया था। नीतीश ने कांग्रेस पार्टी पर यह भी आरोप लगाया कि आजादी के बाद सबसे पहले उन्होंने गांधी और बाद में नेहरू के सिद्धांतों को तिलांजलि दी। ऐसे में गुलाम नबी आजाद के इस बयान से साफ प्रतीत हो रहा है कि वे सीएम नीतीश की नाराजगी को दूर करने की कोशिश में लगे हैं। कांग्रेस के महासचिव गुलाम नबी आजाद ने कहा कि बिहार के सीएम और महागठबंधन के नेता नीतीश कुमार हमारे साथ है। हमारे बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है। कांग्रेस नेता ने कहा कि नीतीश कुमार का कहना सही है कि हमने राष्‍ट्रपति चुनाव में अपने उम्मीदवार घोषित करने में देर की है। हमसे यह गलती हुई है। इसलिए हमने यह तय किया है कि उपराष्‍ट्रप‍ति उम्‍मीदवार के मद्दे पर समय रहते फैसला लिया जायेगा। हमें उम्‍मीद है कि सीएम नीतीश हमारे साथ जरूर साथ होंगे। सब मिलकर उम्‍मीदवार का चयन किया जायेगा। बता दें कि इससे पहले सीएम नीतीश ने पटना में राज्य कार्यकारिणी के सदस्यों को संबोधित करते हुए कांग्रेस से साफ शब्दों में कहा था कि कि वे किसी के पिछलग्गू नहीं हैं। वे सहयोगी हैं और सहयोगी की तरह रहेंगे।खुशामद करना उनकी फितरत में शामिल नहीं है। नीतीश कुमार की नाराजगी कांग्रेस के महासचिव गुलाम नबी आजाद के उस बयान को लेकर है जिसमें उन्‍होंने कहा था कि नीतीश एक विचारधारा नहीं, बल्कि कई विचार धारा के नेता हैं। आजाद का यह बयान राष्ट्रपति चुनाव को लेकर दिया गया था। कांग्रेस पर सीधा हमला करते हुए नीतीश ने कहा कि सिद्धांत पर आप बदलते रहते हैं। स्वर्गीय राममनोहर लोहिया कहा करते थे कि कांग्रेस सरकारी गांधीवादी हैं। हम सिद्धांतों से समझौता नहीं करते। राष्ट्रपति चुनाव की चर्चा करते हुए नीतीश ने कहा कि दिल्ली में सोनिया गांधी द्वारा बुलाई गई बैठक के पहले गुलाम नबी आजाद के पटना में बयान कि कोविंद का विरोध किया जाएगा, के बाद उस बैठक में जाने का कोई औचित्य नहीं रह गया था। नीतीश ने कांग्रेस पार्टी पर यह भी आरोप लगाया कि आजादी के बाद सबसे पहले उन्होंने गांधी और बाद में नेहरू के सिद्धांतों को तिलांजलि दी। ऐसे में गुलाम नबी आजाद के इस बयान से साफ प्रतीत हो रहा है कि वे सीएम नीतीश की नाराजगी को दूर करने की कोशिश में लगे हैं।

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