व्हाइट हाउस में हिलेरी को देखकर ज्यादा खुश होते पुतिन: ट्रंप

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FILE - In this Dec. 1, 2016, file photo, President-elect Donald Trump speaks at the Carrier Corp. factory in Indianapolis where a $7 million deal to save jobs was announced. U.S. Sen. Joe Donnelly, D-Ind., railed against Carrier Corp. for moving manufacturing jobs to Mexico last year, even while he profited from a family business that relies on Mexican labor to produce dye for ink pads, according to records reviewed by The Associated Press. Less than a month after Trump won the election, the company announced an agreement to spare about 800 jobs in Indianapolis. (AP Photo/Darron Cummings, File)

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि देश में पिछले साल हुए आम चुनाव में उनकी प्रतिद्वंद्वी और डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन अगर जीत जातीं तो रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अधिक खुश होते क्योंकि ऐसा होने से अमेरिका कमजोर हो गया होता. जी20 शिखर सम्मेलन के इतर जर्मनी के हैमबर्ग में पुतिन के साथ पिछले सप्ताह हुई पहली बैठक के बाद पहला बड़ा इंटरव्यू देते हुए ट्रंप ने कहा कि वे और उनके रूसी समकक्ष दोनों अपने-अपने देशों के हितों की सुरक्षा कर रहे हैं लेकिन वैश्विक स्तर पर दोनों के बीच सहयोग की गुंजाइश है.

उन्होंने ‘क्रिश्चियन ब्रॉडकास्टिंग नेटवर्क (सीबीएन) को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘‘हम दुनिया में सबसे शक्तिशाली देश है और हम और अधिक शक्तिशाली हो रहे हैं क्योंकि मैं सैन्य शक्ति को प्राथमिकता देता हूं. उदाहरण के तौर पर, यदि हिलेरी जीती होती तो हमारी सेना नष्ट हो गई होती. हमारी एनर्जी (फ्यूल/गैस) बहुत अधिक महंगी होती. पुतिन को मेरी यह बात पसंद नहीं.’’

ट्रंप ने कहा, ‘‘इसलिए मैं कहता हूं कि वे मुझे क्यों पसंद करेंगे? मैं पहले ही दिन से मजबूत सेना चाहता हूं और वह ऐसा देखना नहीं चाहते.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं पहले ही दिन से ऊर्जा की कीमत कम करना चाहता हूं और बड़ी मात्रा में इसका प्रोडक्शन करना चाहता हूं. हम आत्मनिर्भर होंगे और एनर्जी एक्सपोर्ट करेंगे. वह यह नहीं चाहते.’’

ट्रंप ने कहा, ‘‘वह (पुतिन) वो चीज चाहते हैं जो रूस के लिए अच्छी है और मैं अमेरिका की बेहतरी चाहता हूं. मेरा मानना है कि सीरिया जैसे मामले में हम मिलकर काम कर सकते हैं. इसके अलावा हम और भी कई मामलों पर मिलकर काम कर सकते हैं.’’ उन्होंने पुतिन के साथ हुई उनकी बैठक के बारे में कहा, ‘‘कभी-कभी आपकी किसी बात पर सहमति नहीं बनती और कभी-कभी सहमति बनेगी लेकिन हमारी बैठक अच्छी रही. यह दो घंटे 15 मिनट चली. हर कोई इस बात से हैरान था कि बैठक इतनी लंबी चली लेकिन यह बुरी नहीं बल्कि अच्छी बात है.

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