नीतीश ने कहा-सब बदलते रहते हैं, हमें ही याद रखना पड़ता है

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राजधानी स्थित ज्ञान भवन में श्रम संसाधन विभाग द्वारा आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समारोह को संबोधित करते हुुए कहा कि सब बदलते रहते हैैं, हमें ही याद रखना पड़ता है। कितने दिनों तक हम लोगों को याद दिलाते रहेंगे। उन्होंने तुरंत यह संदर्भ जोड़ दिया कि उनका आशय भारतीय प्रशासनिक सेवा के अफसरों के बदलते रहने से है। कब ये लोग केंद्र में रहेंगे और कब कहां? इसलिए जरूरी है कि इन्हें एक साथ कुछ ऐसी जानकारी मिल जाए जिससे ये लोग सब बातें जान सकें। जिस तरह से काम हो रहे हैैं, वह धारा बदलनी नहीं चाहिए। रेल होटल घोटाला मामले में राजद अध्यक्ष लालू यादव के घर पर सीबीआइ की रेड के बाद आज पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार किसी सरकारी कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे। एक ओर जहां महागठबंधन में चल रही दरार गहराती जा रही है तो वहीं नीतीश कुमार ने इस मामले पर अपनी चुप्पी अभी बरकरार रखी है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नीतीश ने श्रम संसाधन विभाग को बेहतर काम करने के लिए बधाई दी और कहा कि मेरे सात निश्चय कार्यक्रम युवा कौशल विकास कार्यक्रम भी शामिल है। एक साल में युवाओं के कौशल विकास के लिए राज्य में बेहतर काम हुआ है। आर्थिक हल युवाओं को बल, सात निश्चय का ये पहला निश्चय है। उन्होंने कहा कि राज्य में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना से छात्रों को सहायता मिल रही है। इसके तहत चार लाख लोन की सुविधा दी जा रही है। बैंकों के साथ समझौता किया गया है, छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि व्यवहार कुशल होने से ही बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है। इसके लिए युवाओं को खुद भी चिंता करनी चाहिए। उन्होंने मीडिया पर चुटकी लेते हुए कहा कि बिहार के विकास के तरफ आपका ध्यान नहीं जाता, केवल इधर-उधर की बातों से ज्यादा मतलब रहता है। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद बाहर निकलते हुए उन्होंने बिहार में चल रहे राजनीतिक हालात पर चुप्पी साध ली और मुस्कुराते हुए निकल गए।

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