सीएम नीतीश के पास लगी कुर्सी से डिप्टी सीएम तेजस्वी का नाम हटाया गया

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बिहार के महागठबंधन में चल रही पल-पल की हलचल पर अभी सबकी नजरें लगी हुई हैं। इस बीच पटना में विश्व युवा कौशल विकास के कार्यक्रम में नीतीश कुमार के पास ही तेजस्वी यादव की कुर्सी लगी हुई थी। लेकिन हर बार की तरह इस बार नीतीश के बगल में लगी कुर्सी जिसपर तेजस्वी को बैठना था उस कुर्सी पर से तेजस्वी का नेमप्लेट हटा दिया गया। मिली जानकारी के मुताबिक तेजस्वी ने सरकारी कामकाज से दूरी बना ली है, आज विश्व युवा कौशल दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव मुख्य अतिथि थे और एेन वक्त पर उनका नेम प्लेट मंच से हटा दिया गया। वहीं कल के लालू के बयान कि तेजस्वी को जनता ने चुना है वो इस्तीफा नहीं देंगे। इसके बाद जदयू के तेवर तल्ख हैं। कार्यक्रम में महागठबंधन के सभी मंत्रियों के साथ ही मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को शिरकत करना था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बगल में ही उपमुख्यमंत्री तेजस्वी की कुर्सी लगी थी, लेकिन कार्यक्रम शुरू होने के ठीक पहले उपमुख्यमंत्री तेजस्वी के नेमप्लेट को ढंक दिया गया और फिर नीतीश कुमार के कार्यक्रम में पहुंचते ही तेजस्वी के नेमप्लेट को हटा दिया गया। कार्यक्रम में शामिल होने वाले मंत्रियों का नेमप्लेट वैसा ही रहा, केवल उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के नेम प्लेट को ढका गया और बाद में हटा दिया गया। मालूम हो कि बीती 12 जुलाई को भी कैबिनेट की मीटिंग में भी उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आमने-सामने हुए थे, लेकिन, दोनों नेता एक-दूसरे से दूर-दूर रहे। आनन-फानन में मात्र 25 मिनट में ही कैबिनेट की बैठक समाप्त हो गयी। इसके बाद नीतीश कुमार की कुर्सी के एक तरफ जदयू मंत्री बैठ गए और उनकी दूसरी तरफ राजद कोटे के मंत्री बैठे। चार दिनों के बाद एक बार फिर दोनों नेताओं को साथ आने का मौका मिला। लेकिन, तेजस्वी यादव के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। कार्यक्रम में अचानक एेसा करने से सबके बीच हलचल मची है कि क्या यह महागठबंधन के लिए कोई बड़ा संकेत है? जदयू और राजद के बीच की दूरी अब और बढ़ गई है और एेसे में महागठबंधन में किसी भी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।

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