शास्त्री ने की द्रविड़-ज़हीर की ‘छुट्टी’ की तैयारी, दोनों पर आज होगा फैसला

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नई दिल्ली, . टीम इंडिया के नए कोच रवि शास्त्री ने ज़हीर खान और राहुल द्रविड़ की ‘छुट्टी’ के लिए अपना दांव चल दिया है। शास्त्री ने मंगलावर को होने वाली मीटिंग से एक दिन पहले ही बीसीसीआइ के सीईओ राहुल जौहरी और कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना से मुंबई में मुलाकात कर भरत अरुण को गेंदबाज़ी कोच बनाने को लेकर अपना सुझाव दिया। आज होने वाली बैठक में यह तय होगा कि टीम इंडिया को जहीर खान और द्रविड़ की जरुरत है या नहीं।

रवि शास्त्री के सहयोगी स्टाफ को लेकर क्रिकेट प्रशासकों की समिति (सीओए) द्वारा नियुक्त चार सदस्यीय समिति के बीच मंगलवार को बैठक करेंगे। हालांकि इएसपीएन क्रिकइंफो के अनुसार रवि शास्त्री ने सोमवार को ही सहयोगी स्टाफ को लेकर बीसीसीआइ के सीईओ राहुल जौहरी और कार्यवाहक अध्यक्ष सीके खन्ना से मुंबई में मुलाकात की। इस बैठक में चार सदस्य शामिल होंगे जिसकी अध्यक्षता राहुल जौहरी करेंगें, इस मीटिंग में सी.के खन्ना, डायना इडुलजी और कार्यवाहक सचिव अमिताभ चौधरी भी शामिल होंगे। मंगलवार को समिति शास्त्री से अधिकारिक बैठक भी करेगी। मीटिंग के बाद द्रविड़ और ज़हीर पर अंतिम फैसला सीओए अध्यक्ष विनोद राय लेंगे।

क्रिकइंफो के मुताबिक टीम इंडिया के मुख्य कोच और सीईओ जौहरी के बीच सीएसी द्वारा चुने गए सलाहकारों और नए सहयोगी स्टाफ को लेकर चर्चा हुई। रवि ने अपने पुराने रवैये में कोई बदलाव नहीं करते हुए कहा कि टीम को पूर्णकालिक तेज गेंदबाजी कोच की जरूरत है। अगर सलाहकार ही रखना है तो वह प्रारूप तैयार कर सकता है, लेकिन उसको अमल में तो पूर्णकालिक कोच ही ला सकता है। इसके अलावा अन्य सहयोगी स्टाफ बल्लेबाजी कोच संजय बांगर, फील्डिंग कोच आर श्रीधर को लेकर भी चर्चा हुई जिस पर शास्त्री को कोई दिक्कत नहीं थी। शास्त्री के वेतन पैकेज को लेकर भी चर्चा हुई।

टीम इंडिया को 19 जुलाई को श्रीलंका दौरे के लिए निकलना है। बीसीसीआइ के अधिकारी ने कहा कि यह तो तय है कि शास्त्री टीम के साथ जा रहे हैं, लेकिन सहयोगी स्टाफ के तौर पर कौन जाएगा इस पर फैसला मंगलवार को होने वाली बैठक के बाद ही पता चलेगा। अगर इस बैठक में इस बारे में कोई फैसला नहीं हो पता है तो 22 जुलाई को दिल्ली में होने वाली बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा। ऐसे में शास्त्री के साथ पुराना सपोर्ट स्टाफ ही श्रीलंका जा सकता है।

वैसे आपको बता दें कि गेंदबाजी कोच के लिए शास्त्री की मुख्य कोच की पसंद भरत अरुण का आइपीएल में पिछले सीजन तक बेंगलुरू की टीम के साथ करार था। इस बार वह तमिलनाडु प्रीमियर लीग (टीएनपीएल) की टीम वीबी थिरुवलुर से कोच के तौर पर जुड़ गए हैं। अगर अरुण गेंदबाजी कोच बनते हैं तो यह हितों के टकराव का मामला होगा। यही समस्या जहीर खान के साथ भी है। वह पिछले पांच सालों से दिल्ली डेयरडेविल्स के साथ जुड़े हुए हैं। यह मामला भारतीय क्रिकेट में रामचंद्र गुहा के उठाने के बाद सामने आया था। इसके बाद राहुल द्रविड़ को दिल्ली की टीम के साथ अपना करार खत्म करना पड़ा था। अगर जहीर और भरत अरुण टीम इंडिया के साथ आते हैं तो उनको भी ऐसा ही करना होगा।

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