चीन शांति चाहता है, लेकिन संप्रुभता पर आंच नहीं आने देगाः शी जिनपिंग

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पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी के 90वें स्थापना दिवस के अवसर पर चीन ने फिर से एक बार भारत को आंख दिखाई है। बता दें कि सेना की सलामी लेने पहुंचे राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सेना को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश की संप्रभुता से किसी भी तरह का समझौता नही किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि चीन शांति चाहता है पर संप्रभुता और सुरक्षा पर आंच नहीं आने देगा। गौरतलब है कि भारत और चीन के बीच पिछले 45 दिनों से डोकलाम को लेकर गतिरोध बना हुआ है। यह भी पढ़ें- चीनी सेना ने परेड में दिखाया दमखम, जिनपिंग ने कहा-‘युद्ध के लिए रहें तैयार’ वहीं राष्‍ट्रपति ने भारत को आंख दिखाते हुए कहा कि हम कभी भी किसी इंसान, संगठन या राजनीतिक दल को किसी भी रूप में चीन का एक भी हिस्‍सा बांटने नहीं देंगे। कोई ऐसी उम्‍मीद न करे कि हम उस कड़वे घूंट को निगलेंगे जो हमारे संप्रभुता, सुरक्षा या विकास के हित के लिए नुकसानदायक होगा। बता दें कि यह पहला वाकया है जब भारतीय सेना ने विवादित क्षेत्र मे घुसकर चीन का न सिर्फ विरोध किया है, बल्कि चीन द्वारा किए जा रहे सड़क निर्माण को भी रोका है। ग्रेट हॉल ऑफ द पीपुल में बोलते हुए राष्‍ट्रपति ने भारतीय सेना के साथ चल रहे सीमा विवाद का जिक्र न करते हुए कहा कि चीन की शांति अक्षुण्‍ण रहेगी। चीन के लोगों को शांति पसंद है। हम कभी भी किसी प्रकार से विस्तारवाद या हमले नहीं करेंगे, पर हम हर प्रकार के हमले को नाकाम कर देंगे। हम किसी को भी या फिर किसी संस्था या राजनीतिक दल को चीन के किसी भी इलाके को कभी भी किसी भी सूरत में अलग नहीं करने देंगे। यह भी पढ़ें- चीन की गीदड़भभकीः भारत डोकलाम पर पीछे नहीं हटा तो कश्मीर में देंगे दखल चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि वह किसी को भी चीन को जबरन अपने हितों से समझौता करने लिए मजबूर नहीं करने देंगे। बता दें कि शी चिनपिंग कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चीन की सेंट्रल समिति के महासचिव हैं और सेंट्रल मिलिट्री कमीशन के चेयरमैन हैं। उनके पास दुनिया की सबसे बड़ी सेना पीएलए का पूर्ण नियंत्रण है।

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