मजबूत हुआ रुपया, विदेश में पढ़ाई और घूमने समेत ये चीजें होंगी सस्ती

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नई दिल्ली। बुधवार के कारोबार में डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 2 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान रुपया 26 पैसे मजबूत होकर 63.७० के लेबल तक जा पहुंचा। इससे पहले यह लेवल 10 अगस्त 2015 को देखा था। रुपये में मजबूती से जहां आईटी और इंपोर्ट पर आधारित कंपनियों को फायदा होगा, वहीं विदेशों में घूमना, पढ़ाई करने समेत तमाम वो चीजें सस्ती होंगी जिनका भुगतान डॉलर के जरिए किया जाता है।

सस्ता होगा विदेश घूमना

रुपए में मजबूती उन लोगों के लिए लिए भी खुशखबरी लेकर आई है जो विदेशों में घूमना ज्यदा पंसद करते हैं। अगर आप न्यूयॉर्क की हवाई सैर के लिए 3000 डॉलर की टिकट रहे हैं तो आपको भारतीय रुपए में करीब 1,94,700 रुपए खर्च करने पड़ते थे जो अब आपको 1,90,890 रुपए देने पडेंगे यानी आपको 3,810 रुपए की बचत होगी। वहीं बच्चों के पढ़ाई की बात की जाएं तो रुपए में मजबूती का असर इसपर भी साफ देखा जा सकेगा

क्यों है मजबूती

रुपए में मजबूती विदेशी निवेशकों के द्वारा घरेलू इकोनॉमी में निवेश बढ़ाने की वजह से दखने को मिली है। इस साल अभी तक विदेशी निवेशक 874 करोड़ डॉलर इक्विटी मार्केट में और 1682 करोड़ डॉलर डेट मार्केट में निवेश कर चुके हैं। सरकार द्वारा चलाए जा रहे सुधार प्रक्रिया से भी विदेशी निवेशकों का भारत पर भरोसा बढ़ा है। सेक्टर्स में एफडीआई बढऩे से रुपए को मजबूती मिल रही है।

इन कंपनियों को फायदा

घरेलू करंसी में मजबूती से उतने ही डॉलर की खरीद के लिए कम रुपए देने पड़ेंगे। इससे सरकारी खजाने को फायदा मिलेगा। साथ ही मेटल, इंजीनियरिंग सेक्टर की कंपनियां जो कच्चा माल बाहर से मंगा रही हैं इंपोर्ट बिल में कमी आएगी।

पढ़ाई पर ऐसे होगा असर

अगर आपके बच्चे विदेश में पढ़ाई कर रहे हैं तो रुपए का मजबूत होना आपके लिए एक अच्छी खबर है। क्योंकि अब आपको पहले के मुकाबले कम पैसे भेजने होंगे। अगर आपका बच्चा अमेरिका में पढ़ाई कर रहा है, तो अभी तक आपको डॉलर के हिसाब से ही भारतीय रुपए भेजने पड़ते थे। यानी अगर डॉलर मजबूत है तो आप ज्यादा रुपए भेजते थे, लेकिन अब आपको डॉलर के कमजोर (रुपए के मजबूत) होने से कम रुपए भेजने होंगे।

थमेगी महंगाई

डॉलर के कमजोर होने से क्रूड ऑयल सस्ता हो सकता है। यानी जो देश कच्चे तेल का आयात करते हैं, उन्हें अब पहले के मुकाबले कम रुपए खर्च करने होंगे। भारत जैसे देश के लिहाज से देखा जाए तो अगर क्रूड आयल सस्ता होगा तो सीधे तौर पर महंगाई थमने की संभावना बढ़ेगी। आम उपभोक्ताओं जरूरी सामानों की आपूर्ति परिवहन माध्यम से की जाती है, इसलिए महंगाई थम सकती है।

इनको है नुकसान

रुपए में मजबूती से फार्मा और आईटी सेक्टर की कंपनियों के मार्जिन में कमी आने का अनुमान है। क्योकिं इन कंपनियों की आय डॉलर में आय होती है। रुपए में ंमजबूती का असर इनपर दिखेगा

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