मुजफ्फरपुर में 5 बच्चों की डूबने से मौत : जनाक्रोश उबाल पर, मुजफ्फरपुर-केसरिया पथ को जाम

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मुजफ्फरपुर : बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र के खुर्शेदा गांव के चौर में पांच बच्चों के शव मिलने के बाद इलाके में तनाव है. भारी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल के पास जमा होकर प्रशासन और सरकार का विरोध कर रहे हैं. लोगों ने केसरिया-मुजफ्फरपुर मुख्य मार्ग को जाम कर दिया है और नारेबाजी कर रहे हैं. मंगलवार को रेलवे लाइन के किनारे पानी से भरे गड्ढे में इन बच्चों का शव बरामद हुआ था. इससे पूर्व घटना के विरोध में देर रात तक हजारों की संख्या में लोग साहेबगंज-धर्मपुर मार्ग को जाम कर प्रदर्शन करते रहे. स्थानीय लोगों ने बताया कि परिजनों ने सोमवार को यह सोच बच्चों का इंतजार किया कि कहीं वे महावीरी झंडा देखने चले गए हों, लेकिन मंलगवार को चौर में गए कुछ लोगों ने वहां पानी में दो बच्चों का शव तैरता हुआ देखा. हाजीपुर सुगौली रेल लाइन बिछाने के लिए इस चौर से मिट्टी काटी गई थी, उसके बाद से यहां खतरनाक ढलान बन गई है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबने की बात सामने आयी है.

बुधवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन विभाग के प्रावधान के तहत मृतक बच्चों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी ने मीडिया को यह मैसेज कर बताया कि हत्या की आशंका की बात गलत है. बच्चों की मौत डूबने से हुई है.

इस घटना से पूरे इलाके के लोगों में गुस्सा है. ग्रामीणों या परिजनों से मिलने के लिए अभी तक कोई जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचे हैं, ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है. सड़क जाम की सूचना के बाद वहां स्थानीय पुलिस पहुंच गयी है. इस घटना में दो घरों का चिराग बुझ गया है. घटना के बाद से खुर्शेदा गांव में कोहराम मचा हुआ है. मृत बच्चों के पिता वर्तमान में राज्य से बाहर है. उन्हें इसकी सूचना दे दी गई है. शिवपूजन का बेटा करण (07) और रंजीत पटेल का बेटा राजा (07) भाई में अकेला था. करण गांव के ही सरकारी स्कूल में चौथी और राजा पांचवीं कक्षा का छात्र था. दोनों अपने क्लास का मेधावी थे.

इधर, पूवी चंपारण के डुमरिया थाना क्षेत्र के पकड़ी निवासी विजय पटेल का पुत्र मिसरी (06) पढ़ने के लिए नाना बाबूलाल राय के पास गांव में रखता था. वह तीसरी कक्षा में पढ़ता था. बताया जा रहा है कि देर रात पहुंचे श्वान दश्ते ने बच्चे के शव व कपड़े को सूंघकर नवनिर्मित रेलवे ट्रैक की ओर बढ़ा. करीब एक किलोमीटर दूरी तय करने के बाद श्वान बैठ गया. इधर, देर रात डीएम व एसएसपी खुर्शेदा गांव भी गये. हादसे के शिकार बच्चों के परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम को जाना. ग्रामीणों ने साहेबगंज थानेदार पर मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है.

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