मुख्यमंत्री ने आसमान से लिया बाढ़ग्रस्त इलाके का जायजा, आप भी देखें बाढ़ का भयावह का मंजर

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बिहार में बाढ़ से कई जिले प्रभावित हैं, इनमें पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज आदि जिलों में बाढ़ का कहर टूट पड़ा है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज हवाई सर्वेक्षण भी कर रहे हैं. उनके साथ मुख्य सचिव अंजनी कुमार और प्रधान सचिव जल संसाधन अरुण कुमार सिंह भी होंगे. प्रभात खबर की टीम बिहार में बाढ़ से प्रभावित जिलों के हालात पर नजर रख रही है. आइए जानें क्या हैं बाढ़ प्रभावित जिलों के हालात…

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को बिहार के सीमांचल जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया. वह सूबे के बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज का हवाई सर्वेक्षण आज कर रहे हैं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ मुख्य सचिव अंजनी कुमार और प्रधान सचिव जल संसाधन अरुण कुमार सिंह भी साथ हैं. हवाई सर्वेक्षण के बाद मुख्यमंत्री प्रभावित जिलों में चलाये जा रहे राहत और बचाव कार्यों का जायजा लेंगे.

बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य शुरू हो गया है. आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि सबसे ज्यादा असर किशनगंज, पूर्णिया, अररिया, कटिहार के अलावा बेतिया व मोतिहारी में भी बाढ़ का असर है. एनडीएआरएफ की पांच टीम किशनगंज, दो पूर्णिया, एक अररिया में तैनात की गयी हैं. साथ इन सभी जगहों पर एसडीआरएफ की टीम भी भेजी जा रही हैं. राहत एवं बचाव कार्य में दानापुर के बिहार रेजिमेंट के 80 जवान, एनडीआरएफ के 160 जवान के साथ-साथ एसडीआरएफ की टीम जुटी है. बाढ़ पीड़ितों को दिये जानेवाला सूखा राशन राहत पैकेट पूर्णिया पहुंच चुका है. डीएम प्रदीप कुमार झा के मुताबिक, 50 हजार सूखा राशन पैकेट तैयार किया गया है, जिससे प्रभावित इलाकों में गिराया जायेगा. प्रभावित इलाकों में राहत कैंप खोल दिये गये हैं. बाढ़पीड़ितों के लिए भोजन एवं चिकित्सा की समुचित व्यवस्था की गयी है.

कटिहार : महानंदा नदी ने अब कटिहार में भी शुरू किया कहर बरपाना.

अहले सुबह दो जगह बांध टूटने से बारसोई, बलरामपुर, कदवा, आजमनगर में कोहराम मच गया है.

झौआ, लाभा, गाया तटबंध के केंद्र संख्या-75 गुठेली के पास महानंदा नदी का तटबंध टूटा.

शिवगंज बेलगच्छी के पास भी महानंदा नदी के तटबंध टूटने की पुष्टि अधीक्षण अभियंता राजेंद्र मेहता ने की.

निचले इलाके के कई गांव जलमग्न हो गये. इन क्षेत्रों के शहरी इलाकों में भी मंडराने लगा है खतरा.

बांधें टूटने से प्रभावित हुईं तीन प्रखंडों की 50 पंचायत से अधिक पंचायतें. करीब एक लाख की आबादी बाढ़ की चपेट में.

प्रशासन की ओर से अब तक शुरू नहीं करायी जा सकी है राहत व्यवस्था .

मोतिहारी : पताही की पूरी पंचायत बाढ़ की चपेट में आने से आधा दर्जन स्थानों पर सड़क टूटा.

हजारों घरो में बाढ़ का पानी घुसा. पूरे प्रखंड के लोग भूखे-प्यासे ऊंचे स्थान पर शरण लिये हुए है.

फेनहारा में लालबाबू साह का 19 वर्षीय पुत्र रवि कुमार बाढ के पानी में लापता.

फेनहारा के रास्ते मधुबन के कृष्णा नगर, हरदिया सहित निचले ईलाके में बाढ की आशंका.

बूढ़ी गंडक के किनारे टोला मठ समेत कई जगहों पर कटाव जारी.

सीओ सुनील कुमार और थानाध्यक्ष संदीप कुमार बाढ़ को लेकर इलाके में लोगों को कर रहे अलर्ट.

सहरसा : सुबह छह बजे कोसी बराज से दो लाख 64 हजार 505 क्यूसेक डिस्चार्ज.

नाव से तटबंध के अंदर का जायजा लेने पहुंच रहे हैं एसडीओ, सलखुआ सीओ और सिमरी सीओ.

सलखुआ के अलानी हाइस्कूल की पश्चिम कोसी के बाढ़ के पानी में डूबने से मनीष चौधरी के 12 वर्षीय पुत्र प्रियांशु चौधरी की मौत हो गयी.

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