उत्तर बिहार में बाढ़ की स्थिति भयावह, कई गांव जलमग्न

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उत्तर बिहार में लगातार बाढ़ की स्थिति भयावह होती जा रही है। नदियों में उफान जारी है और कई गांव जलमग्न हो गए हैं। दरभंगा में जहां कमला नदी के कई तटबंध टूट गए हैं, वहीं मोतिहारी में भी बाढ़ ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। शहरी इलाको में पानी घुस गया है, पांच की मौत की भी खबर है।
पूर्वी चंपारण में बाढ़ का कहर
पूर्वी चंपारण में बाढ़ का कहर लगातार जारी है। मंगलवार और बुधवार को जिले के नए इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। पिछले दो दिनों में पांच लोगों की जान जा चुकी है। इससे पहले भी पांच लोग बाढ़ के पानी में मारे जा चुके हैं। उधर, बुधवार की सुबह मोतिहारी-सुगौली रेलखंड के बंजरिया और सेमरा रेलवे स्टेशन पर पानी चढ़ गया है। रेलगाड़ियों का आवागमन बाधित है। जिले के प्र्रभारी मंत्री विनोद नारायण झा ने जिलाधिकारी रमण कुमार और एसपी उपेंद्र कुमार शर्मा के साथ बाढ़ प्रभावित इलाके का दौरा किया है। राहत व बचाव कार्य तेजी से करने को कहा। अरेराज, केसरिया व मोतिहारी के आसपास के शहरी इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से प्रवेश कर रहा है। रामगढ़वा में हालात बिगड़े हैं, वहां सेना को बचाव कार्र्य के लिए भेजा गया है। वहीं केसरिया मेंं चंपारण तटबंध पर दबाव बन गया है। डीएम व एसपी लगातार इलाके का दौरा कर रहे हैं। जिससे कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस आया है।
मुजफ्फरपुर जिले में स्थिति भयावह
मुजफ्फरपुर जिले में बाढ़ की स्थिति और भयावह हो गई है। रून्नीसैदपुर के इब्राहिमपुर में बागमती परियोजना का उतरी बांध टूटने के कारण औराई प्रखंड के सोलह पंचायत के साठ गांव के दो लाख की आबादी प्रभावित हो गई है। प्रखंड के धरहरवा, घनश्यामपुर, नयागांव, औराई, बभनगामा, राजखंड उतरी, दक्षिणी, भरथुआ, आलमपुर सिमरी,रतवारा पूर्वी, पश्चिमी, खेतलपुर, भलूरा, रामपुर, मथुरापुर बुजुर्ग, विशनपुर गोखूल पंचायत के सैकड़ों घरों मे बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। अचानक बाढ़ आने से सभी प्रमुख व ग्रामीण मार्ग पर दो से चार फीट पानी का बहाव चल रहा है। लाखों का सामान नष्ट हो गया। सैकड़ों की संख्या मे मवेशी बाढ़ के पानी में फंसे हुए हैं । अधिकांश लोग ऊंची जगहों पर शरण ले रहे हैं। वहीं कटरा के गंगिया बर्रि पंचायत प्रभावित है। जबकि गायघाट के बेनीबाद, सोनपुर बसघट्टा, नयागाव धन पंचायत प्रभावित है। साहेबगंज के माधवपुर हजारी व बंगला निजामत पंचायत के लोगों को सुरक्षित स्थान पर चले जाने का निर्देश दिया गया है। कटरा प्रखंड में एसडीआरएफ की टीम 5 मोटर बोट के साथ लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में फंसे लोगों को निकाल रही है। जबकि औराई में चार मोटर बोट के साथ एनडीआरएफ की टीम डटी हुई है। वही साहेबगंज में 2 मोटरबोट के साथ एनडीआरएफ की टीम को प्रतिनियुक्त कर दिया गया है।
मधुबनी में भी बाढ़ ने धरा विकराल रूप
वहीं, मधुबनी जिले में भी बाढ़ ने विकराल रुप धारण कर लिया है। लगातार हो रही वर्षा से स्थिति और विकट बनी हुई है। जिलाधिकारी शीर्षत कपिल अशोक ने बाढ़ और जलजमाव को देखते हुए आगामी शनिवार तक के लिए जिले के प्लस टू लेवल तक के स्कूलों में पठन-पाठन कार्य बंद करने के आदेश जारी कर दिए हैं। मंगलवार को उन्होंने अधिकारियों संग बेनीपट्टी, मनवापुर, साहरघाट आदि क्षेत्रों का भ्रमण कर राहत-बचाव कार्य का जायजा लिया। बिस्फी प्रखंड क्षेत्र की 22 पंचायतों की स्थिति भयावह बनी हुई है। यहां करीब एक हजार घर बाढ़ से घिरे हुए हैं। नाव की भी व्यवस्था नहीं है।
लदनियां प्रखण्ड की गिदवास पंचायत के सिपहगिरी धता टोला में 25 महादलित परिवार स्कूल में शरण लिए हुए हैं। पंचायत के मुखिया अजय कुमार साह ने वताया कि इस पंचायत के मोहनपुर समेत अन्य गांव में करीब 55 से 60 परिवार विस्थापित हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई खोज खबर नहीं ली गई है। मधवापुर थाना के कुटी टोल बलवा गांव में गत रविवार को बाढ़ की तेज धारा में डूबे 18 वर्षीय किशोर का शव मंगलवार की देर शाम गांव के पश्चिम एक मंदिर के पास पानी में उपलाता ग्रमीणों ने बरामद किया है। लदनियां प्रखण्ड क्षेत्र में योगिया पद्मा के बीच के एनएच 104 पर गागन एवं सहजा नदी का पानी करीब सौ फीट में सड़क पर बह रहा है। जयनगर लदनियां लौकहा, लौकही, खुटौना के बीच वाहनों का आवागमन अभी भी बंद है। हालांकि दोनवारी, तेनुआही, जानकीनगर, पथलगाढा, कमतौलिया एवं डलोखर में बाढ़ का पानी हटने से धीरे धीरे स्थिति सामान्य होने लगी है। बेनीपट्टी -बसैठ के बीच महाराजी बांध टूटने से लोगों के घरों में पानी घुसा हुआ है। बेनीपट्टी-माधापुर पथ पर उच्चैठ के पास डायवर्सन टूटने से आवागमन बाधित है। वहीं बेनीपट्टी-अग्रोपट्टी एसएच 52 करीब 50 फीट की चौड़ाई में कट गई है, जिससे बेनीपट्टी-सीतामढ़ी पथ पर आवागमन ठप हो गया है। रांटी-मधुबनी बाइपास सड़क पर दो फीट पानी का बहाव हो रहा है। मधुबनी शहर से सटी भौआड़ा पंचायत के चकदह नंदनगर के करीब एक दर्जन से अधिक परिवार के बाढ पीड़ितों ने डीएनवाइ कॉलेज की ऊपरी मंजिल पर शरण ले रखी है। पुरानी चकदह, न्यू चकदह, नंदनगर चकदह, विद्यापति नगर , शिवशक्ति नगर सहित एक दर्जन मोहल्लों की 10 हजार की आबादी बाढ से पीड़ित है। पीड़ितों लोगों ने प्रशासन से चकदह में नाव चलाने की मांग की है। राहत कार्य भी यहां शुरू नहीं हुआ है। रांटी- मधुबनी बाइपास सड़क पर दो फीट पानी तीन दिनों से बह रहा है।

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