क्या अक्षय कुमार की ‘टॉयलेट’ के आगे टिक पाएगी ‘बरेली की बर्फी’?

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मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की हालिया रिलीज फिल्म ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ 100 करोड़ के क्लब में शामिल होने के लिए बॉक्सऑफिस पर तेज रफ्तार से दौड़ रही है. ठीक अक्षय कुमार के करियर की तरह यह फिल्म भी सफलता की ओर बढ़ रही है. ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ को दर्शकों ने काफी पसंद किया है, इसका सीधा असर फिल्म के कलेक्शन में देखने को मिला रहा है.

ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श के ट्वीट के मुताबिक, बुधवार को 6.50 करोड़ की कमाई के साथ यह फिल्म अब तक 89.95 करोड़ रु. का बेहतरीन कलेक्शन कर चुकी है. वीकडे होने के बावजूद फिल्म ने उम्मीद से ज्यादा कमाई की है. वैसे, अक्षय की इस फिल्म की सक्सेस आयुष्मान खुराना, कृति सेनन और राजकुमार राव की फिल्म ‘बरेली की बर्फी’ के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है. बॉक्सऑफिस इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जिस रफ्तार से ‘टॉयलेट’ कमाई कर रही है, उसका सीधा असर शुक्रवार को रिलीज होने वाली फिल्म ‘बरेली की बर्फी’ पर पड़ सकता है. शुक्रवार को दो फिल्में (बरेली की बर्फी और पार्टिशन 1947) रिलीज होने वाली है. ‘बरेली की बर्फी’ के मुकाबले ‘पार्टिशन 1947’ को कम दर्शक मिलने की उम्मीद है. लेकिन ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ दोनों ही फिल्म के कलेक्शन पर असर डालेगी.

हालांकि, ‘टॉयलेट एक प्रेम कथा’ की तरह ‘बरेली की बर्फी’ भी देसी फिल्म है. फिल्म को ‘दंगल’ फेम डायरेक्टर नितेश कुमार ने लिखा है, जबकि इसके निर्देशन की कमान उनकी पत्नी अश्वनी अय्यर से संभाली है. कृति सेनन, राजकुमार राव और आयुष्मान खुराना की तिकड़ी पहली बार दर्शकों के सामने होगी. ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि ‘बरेली की बर्फी’ अपनी मिठास फैलाने में कितनी कामयाब होती है.

डायरेक्टर श्री नारायण सिंह की डेब्यू फिल्म है. फिल्म में खुले में शौच की समस्या को उठाया गया है. अक्षय के साथ लीड में भूमि पेडनेकर है जबकि दिव्येंदु शर्मा और सुधीर पांडेय ने भी जबरदस्त काम किया है.

सूत्र बताते हैं कि फिल्म का बजट लगभग 22 करोड़ रु. है. फिल्म अपनी लागत दो दिन में ही निकाल चुकी है. यह भी बताया गया है कि फिल्म के प्रॉफिट में अक्षय कुमार 80 फीसदी का हिस्सा है. इस तरह अक्षय की पांचों उंगलियां घी में हैं.

‘टॉयलेटः एक प्रेम कथा’ खुले में शौच की समस्या को लेकर है और अक्षय कुमार की इस फिल्म में सामाजिक संदेश को मनोरंजन के साथ काफी अच्छे ढंग से पेश किया गया है. कहानी केशव और जया की है. केशव के घर में शौचालय नहीं है और जया खुले में शौच नहीं जा सकती. इसी को लेकर पूरी कहानी केंद्रित है.

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