बिहार में बाढ़ से 130 लोगों की मौत, 98 लाख लोग प्रभावित

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उत्तर बिहार और सीमांचल में बाढ़ का कहर जारी है। आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, अब तक बाढ़ से 130 लोगों की मौत हो चुकी है। आपदा प्रबंधन के चीफ सेक्रेटरी प्रत्यय अमृत के मुताबिक, स्टेट के 15 जिलों के 93 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। सुबह नदियों के बढ़ने पर ब्रेक लगा, लेकिन शाम होते-होते इनके वाटरलेवल में बढ़ोतरी हुई। आठ बड़ी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नदियों के वाटरलेवल में बढ़ोतरी से सीमांचल और गोपालगंज के नए इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। जहां पहले से पानी है वहां के हालात भी गंभीर बने हुए हैं। सीएम नीतीश कुमार ने गोपालगंज, बगहा, बेतिया, रक्सौल व मोतिहारी के बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वे किया। सीतामढ़ी नानपुर थाना इलाके के बहेरा लचका पर गुरुवार की शाम लोगों से भरी एक नाव पलट गई। नाव पर 20 लोग सवार थे। 15 लोग तैरकर बाहर आ गए जबकि, पांच अभी भी लापता हैं। मोतिहारी के कई ब्लॉक में 13 लोगों की मौत हो गई। सीतामढ़ी में 5 बच्चों की मौत हो गई। मधुबनी और समस्तीपुर में 3-3 और दरभंगा में 3 लोगों की मौत हो गई। घनश्यामपुर में टूटे कमला तटबंध की मरम्मत को पहुंचे फ्लड कंट्रोल के इंजिनियर और उनके साथ पहुंचे अफसरों पर बाढ़ पीड़ितों ने मिट्टी-गोबर फेंकते हुए हमला बोल दिया। बगहा के जगीरहां के पास गुरुवार की सुबह से कटाव शुरू है। गंडक नदी के दाहिने तट पर बने इस बांध के 1.2 से 1.5 किमी के बीच नदी तेजी से कटाव कर रही है। नेपाल में बारिश की रफ्तार के फिर जोर पकड़ने के बाद नदियों में भी उफान आने लगा। नेपाल के तराई वाले इलाकों में बारिश ने जोर पकड़ लिया है।
NDRF की 27 टीमों ने 24 हजार लोगों को बाढ़ से निकाला – बाढ़ग्रस्त जिलों में राहत और बचाव काम में लगी NDRF की कुल 27 टीमों ने अब तक करीब 24 हजार लोगों को मोटरबोट से सुरक्षित जगहों तक पहुंचाया है, जिसमें 31 प्रेग्नेंट महिलाओं को बाढ़ग्रस्त इलाकों से सुरक्षित नजदीकी स्पिटल पहुंचाया गया है। कमांडेंट विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि गुरुवार को 4923 लोगों को पूर्णिया, मोतिहारी, बेतिया, मुजफ्फरपुर, कटिहार, सीतामढ़ी, अररिया, दरभंगा, गोपालगंज, सुपौल में सुरक्षित बाहर निकाला गया। लगातार बारिश और नेपाल से पानी छोड़े जाने से कोसी सीमांचल के जिलों के सैकड़ों गांव बाढ़ के पानी से घिरे हैं। भागलपुर जिले में गंगा भी खतरे के निशान को पार कर गई है। कई बांधों पर पानी का दबाव बना हुआ है। सब डिविजन के 1150 से ज्यादा घर बाढ़ के पानी से घिरे हैं। ईस्ट-नॉर्थ रेलवे ने 20 अगस्त तक के लिए कटिहार से ईस्ट और नार्थ को जाने वाली सभी ट्रेनाें को रद्द कर दिया है। किशनगंज मेंएडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से राहत सामग्री मुहैया नहीं कराए जाने के विरोध में बाढ़ पीड़ितों ने एचएच-31 पर जाम लगा दिया। पुलिस ने लाठीचार्ज किया।
नीतीश ने कहा- सरकारी खजाने पर आपदा पीड़ितों का पहला हक : सीएम नीतीश कुमार ने बाढ़ग्रस्त इलाकों में जल्द-से-जल्द राहत और बचाव कार्य चलाने का आॅर्डर दिया है। गुरुवार को गोपालगंज, बगहा, बेतिया, रक्सौल और मोतिहारी के बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वे करने के बाद सीएम ने कहा ” सरकारी खजाने पर आपदा प्रभावितों का पहला हक होता है। बाढ़ से उत्तर बिहार के कई जिलों में भारी नुकसान हुआ है। बचाव और राहत काम शुरू हैं। बाढ़ के हालात गंभीर है, अचानक बाढ़ आने से काफी नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा ” सड़क और बांध की स्थिति को भी देखा जा रहा है। बाढ़ से लोग परेशान हैं, नुकसान ज्यादा हुआ है। नुकसान का एसेसमेंट किया जा रहा है, पीड़ितों को हरमुमकि मदद दी जाएगी। राहत काम में कोई कमी नहीं होगी। जो भी मदद जरूरी होगी, हम पीछे नहीं हटेंगे।” सीएम ने कहा “हेलीकॉप्टर से फूड पैकेट्स एयर ड्रॉप किए जा रहे हैं। उन्होंने बेतिया हवाई अड्डे पर वेस्ट चम्पारण एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा चलाए जा रहे राहत और बचाव कामों का जायजा लिया।”

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