मुजफ्फरपुर शहर को बूढ़ी गंडक ने तीनों तरफ से घेरा, घुस रहा पानी, बढ़ी परेशानी

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मुजफ्फरपुर/भागलपुर :रजवाड़ा बांध टूटने के तीसरे दिन मंगलवार को बाढ़ का पानी शहर के पूर्वी क्षेत्र से कई गांवों को घेरते हुए शहर की ओर तेजी से बढ़ता रहा. सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर प्रखंड में भी बूढ़ी गंडक का कहर जारी है. वहीं, सीमांचल व कोसी क्षेत्र के बाढ़पीड़ित जिलों में पानी कम होने के बाद कटाव तेज हो गया है.

शाम को मुजफ्फरपुर के डीएवी स्कूल, मालीघाट परिसर में पानी भर गया, जबकि उसकी बगल में स्थित सराय सर सैयद कॉलोनी में भी करीब डेढ़ सौ परिवारों का रास्ता बंद हो चुका था. बीएमपी-6 के पास नाले का बहाव तेजी से उल्टी दिशा में होने के चलते रामबाग चौरी व शास्त्रीनगर की तरफ पानी बढ़ने लगा.

इन मोहल्लों में भी देर शाम तक बेचैनी बढ़ गयी थी. शाम तक पूसा रोड से सटे शिवहर कोठी कॉलोनी व श्रीरामनगर कॉलोनी में भी दर्जनभर घरों में पानी घुस चुका था. वहीं बड़ी कोठिया व कन्हौली के सैकड़ों परिवार सुबह में ही घर छोड़ कर निकल चुके थे. दोपहर तक सड़क के ऊपर से पानी की तेज धार बह रही थी. उधर, नरौली तक पानी लबालब भरा है. लोग घर छोड़कर बाहर निकल रहे हैं.

दूसरी तरफ बेला इलाके से भी शहर में पानी घुसने लगा है. बेला में धीरनपट्टी व तरौना की ओर से शहर में पानी घुस रहा है. दूसरी तरफ शहर के उत्तरी छोर मुजफ्फरपुर सीतामढ़ी रोड में झपहां के पास पानी का दबाव काफी बढ़ गया है़ सीआरपीएफ कैंप के पश्चिमी कैंप में पानी घुस गया है़ तिरहुत शारीरिक प्रशिक्षण महाविद्यालय बाढ़ में डूबा हुआ है़

छात्रावास को खाली कर दिया गया है़ महाविद्यालय में चल रहे एसआइएस के ट्रेनिंग कैंप में भी पानी घुस गया है़ बैरक को खाली करा लिया गया है़ झपहां चौक से पानी पूर्वी हिस्से में छोटी पुलिया से तेजी से पानी गिर रहा है़ यह पानी सड़क के पूर्वी हिस्से में फैल सकते हैं. इससे कम ही दूरी पर मेडिकल कॉलेज व एसएसबी का कैंप है़

जिले में बागमती व अधवारा समूह की नदियों के जारी कहर के बीच रून्नीसैदपुर में अब बूढ़ी गंडक नदी का भी कहर तेज हो गया है. एक ओर जहां पूरा प्रखंड बागमती व लखनदेई नदी के पानी से जलमग्न है, वहीं दूसरी ओर ओलीपुर पंचायत में मुजफ्फरपुर के रास्ते बूढ़ी गंडक नदी का पानी प्रवेश कर गया है. रून्नीसैदपुर में बांध निर्माण में अनियमितता सामने आया है. लिहाजा लोगों में आक्रोश है.

कोसी-सीमांचल के इलाके से बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होता जा रहा है. हालांकि सहरसा व सुपौल में कटाव ने मुसीबत बढ़ा दी है. कटाव के कारण सहरसा के असैय चाकी मधेपुरा के आलमनगर व चौसा एवं कटिहार के मनिहारी में अब भी बाढ़ का पानी जमा है.

राहत नहीं मिलने से लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है. अररिया की हड़ियाबारा पंचायत के पीड़ितों ने मंगलवार को लगभग पांच घंटा एनएच 57 को जाम रखा. इस दौरान जीरो माइल अररिया से हड़िया चौक तक लगभग पांच किमी तक वाहनों की लंबी कतार लग गयी थी.

कटिहार के मनिहारी में मंगलवार को महानंदा नदी का पानी कही स्थिर था, तो कही बढ़ रहा था. शहर के चरवाहा विद्यालय, फार्म नयाटोला, नयाटोला, बलदियाबारी, गांधीटोला, सिंगल टोला, मारा लाइन आदि में बाढ़ का पानी घुसने से लोग परेशान हैं. नगर के वार्ड दो स्थित नयाटोला और एसएम कॉलोनी में पानी प्रवेश कर गया हैं. नये स्थानों पर पानी घुसा हैं. पूर्णिया के बायसी व धमदाहा के इलाकों में पानी तो कम हो रहा है लेकिन लोगों की मुश्किलें बरकरार हैं.

सीएम ने पूर्णिया में राहत का किया निरीक्षण

पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को पूर्णिया में बाढ़ राहत कार्यों का निरीक्षण किया. सड़क मार्ग से पूर्णिया पहुंचे मुख्यमंत्री ने वहां फूड पैकेटिंग सेंटर, बाढ़ राहत शिविर, पशु राहत शिविर, सामुदायिक किचेन का निरीक्षण किया. इसके अलावा उन्होंने देर शाम अधिकारियों के साथ शिविर में जाकर बाढ़पीड़ितों से भी मुलाकात की.

सेंटर जाकर वहां तैयार किये जा रहे फूड पैकेट की सामग्री का वजन और गुणवत्ता चेक की. इसके बाद वह चाइल्ड लेबर स्कूल, बेलगाछी और डगरूआ गये, जहां उन्होंने राहत शिविर का जायजा और इसमें रह रहे लोगों से मुलाकात की और उनका हाल जाना. उन्होंने शिविर के किचेन में बन रहे भोजन का निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री ने शिविर में रह रहे बच्चों से बातचीत की और उनसे मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली.

मुख्यमंत्री ने शिविर में चल रहे स्वास्थ्य केंद्र का भी निरीक्षण किया और उपलब्ध दवाओं की जानकारी ली. मुख्यमंत्री ने डगरूआ में पशु राहत शिविर का भी निरीक्षण किया. मुख्यमंत्री ने पवन मोटर्स, बारसोई में चल रहे सामुदायिक किचेन का निरीक्षण किया और लोगों से हालचाल पूछा और बनाये जा रहे भोजन को देखा.

उन्होंने इस कार्य में लगे लोगों को आवश्यक निर्देश भी दिये. इस दौरान सांसद संतोष कुमार, विधायक लेसी सिंह, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह, पूर्णिया प्रमंडल की आयुक्त टीएन बिंदेश्वरी, विशेष प्रमंडलीय आयुक्त सुधीर कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत, सीएम के प्रधान सचिव चंचल कुमार, डीएम और एसएसपी समेत अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे.

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