नीतीश ने कहा- इस बार के बाढ़ ने नया अनुभव दिया, आगे नहीं आयेगी ऐसी नौबत, अब तक 367 लोगों की मौत

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पटना : बिहार में बाढ़ से 26 और लोगों की मौत हो जाने से मरने वालों की संख्या बढ़कर अब 367 हो गयी है तथा बाढ़ से 19 जिलों की एक करोड़ 58 लाख 30 हजार आबादी प्रभावित हुई है. आपदा प्रबंधन विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक पड़ोसी देश नेपाल और बिहार में लगातार हुई भारी बारिश के कारण अचानक आयी बाढ़ से प्रदेश में 26 और लोगों की मौत हो जाने से मरने वालों की संख्या बढकर अब 367 हो गयी है तथा बाढ़ से 19 जिलों की एक करोड़ 58 लाख 30 हजार आबादी प्रभावित हुई है. बाढ़ से प्रदेश के 19 जिले किशनगंज, अररिया, पूणर्यिा, कटिहार, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, दरभंगा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, समस्तीपुर, गोपालगंज, सारण, सीवान, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा एवं खगडिया प्रभावित हैं. इसमें सबसे अधिक अररिया में 80 लोग, सीतामढी एवं पश्चिमी चंपारण में 3636, कटिहार में 35, मधुबनी में 24, किशनगंज में 23, दरभंगा में 22, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज एवं मधेपुरा में 1919, सुपौल में 15, पूर्णिया में 9, मुजफ्फरपुर, खगड़िया एवं सारण में 77, शिवहर एवं सहरसा में 44 तथा समस्तीपुर में एक व्यक्ति की मौत हुई है.

एनडीआरएफ की 28 टीम 1152 जवानों एवं 118 वोट के साथ, एसडीआरएफ की 16 टीम 446 जवानों एवं 92 वोट के साथ तथा सेना की 7 कालम 630 जवानों और 70 बोट के साथ बचाव एवं राहत कार्य में जुटी हुई हैं. राज्य सरकार के द्वारा बाढ़ में घिरे लोगों को सुरक्षित निकाले जाने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है. अब तक 766357 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाके से सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है और 696 राहत शिविरों में 229097 व्यक्ति शरण लिए हुए हैं. बाढ़ राहत शिविर के अतिरिक्त वैसे प्रभावित व्यक्ति जो राहत शिविरों में नहीं रह रहे हैं उनके लिए सामुदायिक रसोइघर चलाये जा रहे हैं. इस तरह कुल 1646 सामुदायिक रसोईघर चलाये जा रहे हैं. जिसमें 423875 लोगों को भोजन कराया जा रहा है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कटिहार जिलान्तर्गत कदवा प्रखंड के चांदपुर में संचालित बाढ़ राहत शिविर में बाढ प्रभावित परिवारों को संबोधित करते हुए आज कहा कि इस बार के बाढ़ से नया अनुभव मिला है. दो दिनों के अंदर लगभग 600 मिमी बारिश हो गयी. जितनी वर्षा पूरे साल में होती है, उतनी लगभग दो-तीन दिनों में हो गयी. उन्होंने कहा कि गत 13 अगस्त को पता चला कि स्थिति भयंकर हो सकती है. हमने तत्काल एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ को लगाया। हमें लगा कि जितने संसाधन हमारे पास है, उससे ज्यादा की जरूरत है. हमने प्रधानमंत्री जी से बात की। सेना की मदद ली गयी. सभी ने सहयोग किया. नीतीश ने कहा कि गत 14 अगस्त को उन्होंने सघन हवाई सर्वेक्षण किया, हेलीकाप्टर से देखने पर पूरा परिदृश्य

स्पष्ट दिखता है कि पानी का फैलाव कितनी दूर तक है. तत्काल हमने अधिकारियों को भी प्रतिनियुक्त किया। इस जिले के पूर्व अनुभवी आइएएस अधिकारी सुधीर कुमार को विशेष आयुक्त के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया है. हमने हेलीकाप्टर के माध्यम से भी खाद्य सामग्री प्रभावित इलाकों में मुहैया करायी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कुदरत के सामने किसी का वश नहीं चलता. यह प्राकृतिक विपदा की घड़ी है. दूसरे राज्यों में हमने इस प्रकार के अचानक आयी बाढ़ को देखा है. इसमें काफी नुकसान होता है. उन्होंने कहा कि इस बाढ़ में जिनका घर टूटा है अथवा फसल बर्बाद हुई है, उसके लिए आकलन करके राशि दी जायेगी, साथ ही कपड़ा, खाद्य सामग्री, बर्तन आदि भी मुहैया कराया जायेगा. मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त जानकारी के मुताबिक नीतीश कुमार ने आज कदवा प्रखंड के चाँदपुर स्थित बाढ राहत शिविर में संचालित सामुदायिक रसोई एवं स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया तथा बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए मुहैया करायी जा रही आवश्यक सुविधाओं को भी देखा. उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में पूरा बिहार एवं बिहार सरकार आपके साथ है. इस विपरीत परिस्थिति में आपके धैर्य को हम सलाम करते हैं, हमसे जितना बन पड़ेगा, वो सब आपके लिए हम करेंगे.

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बाढ़ से नया अनुभव मिला है, आगे से ऐसी नौबत नहीं आये, इसका इंतजाम किया जायेगा.उन्होंने कहा कि हमें जलनिकासी का भी उपाय खोजना पड़ेगा. आगे की योजनाओं में इसका ख्याल रखना होगा। इस बाढ़ से जो सड़क, पुल एवं पुलिया क्षतिग्रस्त हुए हैं अथवा विद्युत व्यवस्था बाधित हुई है, उसे अविलंब ठीक कराया जा रहा है. नीतीश ने आह्वान करते हुए कहा कि इस बाढ़ की त्रासदी में सभी जनप्रतिनिधि मिलकर काम करें.

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