अफगानिस्तान के हेलमंद में तालिबान के सुसाइड ब्लास्ट में 13 की मौत

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कंधार. अफगानिस्तान के हेलमंद प्रॉविंस में तालिबान के फिदायीन हमले में 13 लोगों की मौत हो गई। हमला अफगान सैनिकों के काफिले पर किया गया था।
– न्यूज एजेंसी के मुताबिक हेलमंद के गवर्नर उमर ज्वाक ने बताया कि अफगान नेशनल आर्मी का काफिला हेलमंद के नावा जिले के एक छोटे बाजार से गुजर रहा था, उसी वक्त एक आत्मघाती हमलावर ने ब्लास्ट किया। 19 घायलों को हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है।
– मारे जाने वाले लोगों में सैनिक और सिविलियन्स दोनों शामिल हैं।
– तालिबान ने एक जर्नलिस्ट के पास मैसेज भेजकर हमले की जिम्मेदारी ली।
– हाल ही में हेलमंद के ही लश्कर गाह में पुलिस हेडक्वार्टर पर हुए सुसाइड ब्लास्ट में 5 लोगों की मौत हो गई थी और बच्चों समेत कई घायल हो गए थे।
धमाकों में मारे जाते हैं अफगान जवान
– सुसाइड ब्लास्ट में काफी तादाद में अफगान जवान मारे जाते हैं। यूएस वॉचडॉह SIGAR के मुताबिक, 2016 में 6800 सेना और पुलिस के जवान मारे गए थे। ये धमाकों में मारे गए लोगों का 35% है।
– इस साल एक जनवरी से 8 मई तक अफगान सेना और पुलिस के 2500 जवान मारे जा चुके हैं।
हमलों में सबसे ज्यादा पिछले साल हताहत हुए
– यूनाइटेड नेशन्स असिस्टेंस मिशन इन अफगानिस्तान (UNAMA) की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल अफगानिस्तान में हमलों में 3498 आम लोगों की मौत हुई थी। 7920 लोग घायल हुए। यानी 11418 लोग हताहत हुए। पिछले आठ सालों में यह आंकड़ा सबसे ज्यादा था। 2015 की तुलना में इसमें 2% का इजाफा हुआ था।
– UNAMA की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मार्च तक अफगानिस्तान में एयर स्ट्राइक और आतंकी हमलों में 715 लोगों की मौत हुई थी। 1466 लोग घायल हुए थे।
अमेरिकी फौज आने के बाद बढ़ रही मुश्किलें
– आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिकी और विदेशी सेनाएं अफगानिस्तानी फोर्स की मदद करती रही हैं।
– फिलहाल, यहां 8400 अमेरिकी सैनिक और 5000 नाटो सैनिक हैं। इनका मुख्य काम सलाहकार के रूप में काम करना है।
– छह साल पहले तक यहां एक लाख से ज्यादा अमेरिकी सैनिक थे। 2011 से 2013 के बीच अमेरिकी फौज की वापसी के बाद यहां आतंकी हमलों में तेजी आई है।

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